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कांग्रेस दूरगामी राजनीतिक चेहरा हैं कल्किपीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद, देंगे राजनाथ को चुनौती

Wed, 17 Apr 2019 09:49 PM IST
शशिधर पाठक शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: शशिधर पाठक Updated Wed, 17 Apr 2019 09:49 PM IST
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Kalki pithadhishwar Acharya Pramod krishnam is political face of Congress against Rajnath singh BJP
Pramod krishnam
कांग्रेस ने लखनऊ लोकसभा सीट से कल्किपीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को मैदान में उतारा है। प्रमोद कृष्णम केंद्रीय गृहमंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह को चुनौती देंगे। प्रमोद कृष्णम के अलावा शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी और पूर्व फिल्म अभिनेत्री पूनम सिन्हा भी राजनाथ सिंह को चुनौती देंगी। वहीं कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि आचार्य उत्तर प्रदेश (उ.प्र.) में कांग्रेस की दूरगामी राजनीति का चेहरा हैं। पार्टी आचार्य के सहारे उ.प्र. में भाजपा के छद्म हिंदुत्व की पोल खोलने की तैयारी कर रही है।
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कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम काफी मजबूत प्रत्याशी साबित होंगे। उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाख मंदिर के महंत और गोरक्षपीठाधीश्वर रहे हैं। इस तरह से कांग्रेस पार्टी का इरादा योगी आदित्यनाथ के भगवा चेहरे से श्वेत व धारी आचार्य प्रमोद कृष्णम का मुकाबला कराने की तौयारी में है। 
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कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि आचार्य को केवल लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी मत देखिए। कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाने के साथ-साथ उ.प्र. में अगली सरकार बनाने का भी सपना देखा है। आचार्य इससे पहले म.प्र. समेत कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार कर चुके हैं। 
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आचार्य का भरोसा धर्म निरपेक्षता में है। वह संभल में स्थित कल्कि धाम के महंत हैं। सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते हैं। आचार्य के करीबियों का कहना है कि लखनऊ में प्रमोद कृष्णम का मुकाबला भाजपा के आडंबर, पाखंड और दोहरे चरित्र की राजनीति से होगा।

राजनाथ सिंह अकेले काफी हैं

लोकसभा चुनाव 2014 में राजनाथ सिंह को पांच लाख 61 हजार से अधिक वोट मिले थे। इतना वोट कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी, बसपा के निखिल दुबे और सपा के अभिषेक मिस्र को मिलाकर नहीं मिला था। रीता बहुगुणा जोशी अब भाजपा में हैं और 2014 में राजनाथ के खिलाफ दूसरे नंबर पर रहकर केवल 2 लाख 88 हजार 357 वोट पा सकी थी। 

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह एक कद्दावर नेता हैं। भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं। सभी वर्गों, संप्रदायों, धर्मों में पकड़ रखते हैं। वह भाजपा का उदार चेहरा हैं और अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक विरासत लेकर लखनऊ से चुनाव लड़ रहे हैं। वैसे भी 1991 से लखनऊ संसदीय सीट भाजपा के ही खाते में हैं। 

जातिगत गणित के सहारे विपक्ष पाल सकता है उम्मीद

Kalki pithadhishwar Acharya Pramod krishnam is political face of Congress against Rajnath singh BJP
पूनम सिन्हा सपा में शामिल - फोटो : ट्वीटर
लखनऊ की लोकसभा सीट पर करीब 17 लाख से अधिक मतदाता हैं। इनमें चार लाख कायस्थ मतदाता और 1.3 लाख सिंधी मतदाता हैं। समाजवादी पार्टी-बसपा गठबंधन की प्रत्याशी पूनम सिन्हा खुद सिंधी हैं और उनके पति शत्रुघ्न सिन्हा कायस्थ हैं। इसके अलावा लखनऊ की संसदीय सीट पर करीब 21 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। 

18 प्रतिशत से अधिक ब्राह्मण और ठाकुर हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी करीब 28 प्रतिशत हैं। 14.3 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 0.2 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के मतदाता हैं। माना जा रहा है कि विपक्ष जातिगत गणित के सहारे राजनाथ सिंह को कड़ी चुनौती देने की कोशिश कर सकता है।

 
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