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Hindi News ›   India News ›   Kalka ji temple case: Supreme Court's three-member bench will hear on petition, the High Court's order has been challenged 

कालका जी मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ करेगी सुनवाई, हाई कोर्ट के आदेश को दी गई है चुनौती

Sun, 10 Oct 2021 03:10 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sun, 10 Oct 2021 03:10 PM IST
सार

हाई कोर्ट के आदेश में दक्षिण दिल्ली के कालका जी मंदिर से अतिक्रमण और अनधिकृत कब्जाधारियों तथा दुकानदारों को हटाने का निर्देश दिया गया था, जिनके पास दुकानें खोलने का कोई वैध कानूनी अधिकार नहीं है।
 

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Kalka ji temple case: Supreme Court's three-member bench will hear on petition, the High Court's order has been challenged 
supreme court, सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani

विस्तार

दक्षिण दिल्ली में कालका जी मंदिर से अतिक्रमण हटाने संबंधी याचिका पर उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी। इस याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कालका जी मंदिर से अतिक्रमण और अनधिकृत रूप से रहने वालों तथा दुकानदारों को हटाने का निर्देश दिया गया था।

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न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ पहले से इस मुद्दे पर विचार कर रही है जिस पर सुनवाई उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने की थी। पीठ ने कहा, ‘‘हमें सूचित किया गया है कि इस न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ उस मुद्दे की निगरानी कर रही है, जिसका निस्तारण एकल न्यायाधीश द्वारा दिए गए आदेश में किया गया है और उस मामले को सूचीबद्ध करने की तारीख 25 अक्टूबर, 2021 है।” इसके मद्देनजर, यह उचित होगा कि वर्तमान मामले को भी उसी के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।
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शीर्ष अदालत कालका जी मंदिर विक्रेता संगठन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उच्च न्यायालय के 27 सितंबर के आदेश को चुनौती दी गई है। आदेश में दक्षिण दिल्ली के कालका जी मंदिर से अतिक्रमण और अनधिकृत कब्जाधारियों तथा दुकानदारों को हटाने का निर्देश दिया गया था, जिनके पास दुकानें खोलने का कोई वैध कानूनी अधिकार नहीं है।
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उच्च न्यायालय ने कहा था कि किसी मंदिर के लिए यह आवश्यक है कि वह अनधिकृत अतिक्रमणों से रहित होना चाहिए। अवैध कब्जों के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को अत्यधिक असुविधा और सुरक्षा सुरक्षा संबंधी चिंताएं होती हैं।

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