{"_id":"58874fc44f1c1bbc7ecf4ca3","slug":"kairana-mp-s-daughter-and-nephew-in-a-collision-between-up-assembly-election-2017","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैराना में राजनीतिक विरासत सौंपने की जद्दोजहद, सांसद की बेटी और भतीजा आमने-सामने ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कैराना में राजनीतिक विरासत सौंपने की जद्दोजहद, सांसद की बेटी और भतीजा आमने-सामने
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Jan 2017 10:28 AM IST
विज्ञापन
हुकुम सिंह
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली जिले के कैराना विधानसभा सीट भी इस बार चर्चा में है। क्योंकि यहां से भाजपा सांसद हुकुम सिंह पिछले दिनों यह कर विवाद पैदा कर दिया था कि मुस्लिम माफियाओं के कारण कैराना से हिन्दुओं का पलायन हो रहा है। जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। इस बार उन्होंने अपनी बेटी मृगांका सिंह को बीजेपी से विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतार दिया है।
विज्ञापन
हुकुम सिंह कैराना सीट से सात बार विधायक रह चुके हैं तथा कैराना लोकसभा क्षेत्र से मौजूदा सांसद भी हैं। राजनीतिक विरासत बेटी को सौंपने की वजह से ही उन्हें अपने परिवार में कलह तक झेलनी पड़ रही है और उनके खानदान के ही अनिल चौहान बगावत करके मृगांका सिंह के सामने ही रालोद के टिकट पर चुनाव मैदान में आ खड़े हुए हैं।
विज्ञापन
वहीं, कैराना सीट से ही नाहिद हसन भी दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नाहिद हसन के पिता मरहूम मुनव्वर हसन 1991 और 1993 में कैराना सीट से विधायक बने, तो 1996 के लोकसभा चुनाव में कैराना सीट से ही सांसद चुने गए थे।
विज्ञापन
उनकी राजनीतिक वंशबेल को आगे बढ़ाने वाले नाहिद हसन 2014 के उपचुनाव में कैराना विधानसभा सीट से विधायक बने और इस बार भी वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।