विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरु हो गई है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर यात्रियों ने अपनी यात्रा के दौरान भारत-चीन सीमा पर समुद्र तट के करीब 4,000 मीटर की ऊंचाई पर योगाभ्यास किया। कैलाश मानसरोवर यात्रा में तीर्थ यात्रियों को पहाड़ी रास्तों पर से गुजरते हुए जाना पड़ता है। बेहद ऊंचाई पर मौसम भी अकसर खराब रहता है।
इतनी ऊंचाई पर योग शिविर लगाकर योग करके यात्रियों ने एक तरह से कीर्तिमान बनाया है। यहां इंदौर के कृष्णा मिश्रा ने मानसरोवर यात्रियों को योग कराया। कृष्णा योग एंव हीलिंग गुरु हैं। उन्होंने यात्रियों को योग करवाकर ना केवल योग दिवस मनाया बल्कि उन्हें यह भी संदेश दिया कि कम ऊंचाई वाली जगह पर योग करना कितना सहायक हो सकता है।
कृष्णा मिश्रा पूरी दुनिया में कृष्णा गुरुजी के नाम से जाने जाते हैं। आध्यात्मिक हीलर कृष्णा मिश्रा हर साल योग दिवस को कुछ खास तरीके से मनाते हैं। इस योजना के लिए वह 19 जून को रवाना हुए थे।
कैलाश मानसरोवर की यात्रा में कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। इसके लिए सबसे आवश्यक है फिट रहना। जिसके लिए योग सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस यात्रा पर अकसर बीपी, डायबीटीज और हृदय रोग के मरीज जाने से बचते हैं क्योंकि उनके लिए यहां के मौसम के कारण जान का खतरा बढ़ जाता है। यदि ऐसे लोग फिर भी यहां जाना चाहते हैं तो उन्हें कुछ दिन पहले से ही दौड़ का अभ्यास करना जरूरी होता है ताकि उन्हें यात्रा करते वक्त कोई परेशानी ना आए।
इससे पहले कृष्णा चलती ट्रेन में भी योग करवा चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने हवाई जहाज में भी योग करवाया था। इस दिन को वह हमेशा खास अंदाज में मनाते हैं। एक बार तो उन्होंने महाकाल परिसर के भिक्षुकों के साथ भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया था।