मंदसौर रेप: सीएम शिवराज बोले- फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए हल हो केस, फांसी दी जाए
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'एक 8 वर्षीय बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत से मैं अंदर तक हिल गया हूं। बच्ची जिंदगी और मौत से जूझ रही है। अपनी बच्ची को बचाने के लिए हम सभी देशवासियों को एक साथ आना चाहिए और जल्द से जल्द बच्ची को न्याय मिलना चाहिए।'
वहीं, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे सियासी रूप देते हुए और अप्रत्यक्ष तौर पर शिवराज सरकार को घेरते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने में काफी समय लगाया गया। यहां तक कि मामले की जांच सही दिशा में नहीं जा रही है। हम मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। मेरे राज्य (मध्य प्रदेश) में महिलाएं जरा भी सुरक्षित नहीं हैं।
वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'इस घटना ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। हम चाहते हैं कि ऐसे घिनौने क्राइम पर फांसी मिलनी चाहिए। मानवधिकार मानवात के लिए है न कि शैतानों के लिए। इस केस का हल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होना चाहिए।'
कठुआ और मंदसौर की तुलना पर ट्रोल हुईं मालिनी अवस्थी
लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने तो मंदसौर गैंगरेप की तुलना कठुआ गैंगरेप से कर दी। हालांकि ट्विटर पर ट्रोल होने के बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था 'कठुआ पर शर्म आई और मंदसौर पर जुबां पर ताले। आक्रोश में भेदभाव। बॉलीवुड में अब न कोई तख्ती लटका रहा, न विदेशी अखबारों और मीडिया में भारत को बदनाम करता कोई लेख लिख रहा, न घंटों विलाप करने वाले एंकर अब व्यथित दिख रहे। बच्चियों में भी भेदभाव का दोहरा मापदंड सिर्फ सेक्यूलर कर सकते हैं।'
मालिनी अवस्थी के इस ट्वीट पर लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। एक यूजर्स ने कहा कि 'मालिनी अवस्थी जी बेटी हिंदू की हो या मुसलमान की, सिख की हो या ईसाई की, बेटी को बेटी की नजर से देखिए, धर्म मजहब की नजर से नहीं, बहुत ही शर्मनाक ट्वीट किया है आपने। आप भी किसी बेटी की मां होंगी। आप मोदीजी से अपील करिए कि जल्द दुष्कर्म की सजा फांसी की जाए, हम आपका साथ देंगे।'
कठुआ और मंदसौर कांड में समानताएं हैं : मीसा भारती
बता दें कि इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरा देश आक्रोशित है। मंदसौर के मुस्लिम समाज के लोगों ने आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने के बाद उन्हें कब्रिस्तान में न दफनाने की बात कही है।
वहीं, इस घटना से मंदसौर बार एसोसिएशन भी इस कदर खफा है कि उसने फैसला किया है कि आरोपियों की ओर से मंदसौर का कोई भी वकील केस नहीं लड़ेगा।
मंदसौर कांड में बलात्कारी के लिए कोई मौलाना नमाज़ ए जनाज़ा पढ़ने को तैयार नहीं!
— Dr. Misa Bharti (@MisaBharti) June 30, 2018
कठुआ और मंदसौर कांड में समानताएँ हैं पर मंदसौर में स्थानीय लोगों और नेताओं ने आरोपी के पक्ष में कोई जुलूस नहीं निकाला, वकीलों ने बवाल नहीं काटा।