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सिंधिया समर्थक विधायकों को बंगलूरू से शिफ्ट करने की तैयारी, कांग्रेस बोली- फ्लोर होगा तब टेस्ट होगा

Sat, 14 Mar 2020 10:47 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/बंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/बंगलूरू। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 14 Mar 2020 10:47 PM IST
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Jyotiraditya Scindia MLA from Bangalore Preparation to shift, Congress said Floor test will be done
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ - फोटो : एएनआई

मध्य प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि बंगलूरू के एक होटल में ठहरे हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक कांग्रेसी विधायकों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी का कहना है कि जब फ्लोर होगा तब टेस्ट होगा।

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सूत्रों ने बताया कि सिंधिया के समर्थक कांग्रेस विधायक बंगलूरू की जिस होटल में ठहरे थे वहां एक कोरिया का नागरिक भी ठहरा हुआ था। कोरियाई नागरिक को 102 डिग्री बुखार होना बताया जा रहा है। वहीं इस बात को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। ऐसे में यहां ठहरे कांग्रेसी विधायकों को रमादा होटल में शिफ्ट किया गया है। जहां पांच विधायक पहले से ठहरे हुए हैं।
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फ्लोर होगा तब टेस्ट होगा: कांग्रेस
इधर, मध्य प्रदेश में कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कहा कि हास्यास्पद है कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को राज्यपाल से मुलाकात कर भारत के संविधान 175(2) के अधिकारों के तहत अभिभाषण के पहले फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है। जबकि भारत के संविधान का अनुच्छेद 176 यह कहता है कि वर्ष के आरंभ का पहला सत्र अनिवार्य रूप से राज्यपाल महोदय के अभिभाषण से ही होगा अर्थात फ्लोर का निर्माण ही जब होगा जब राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 
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क्या कहते हैं अनुच्छेद 

अनुच्छेद 176: राज्यपाल का विशेष अभिभाषण:

(1) राज्यपाल, विधानसभा के लिए प्रत्येक निर्वाचन के बाद प्रथम सत्र की शुरुआत में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत में विधानसभा में या विधानपरिषद वाले राज्य की दशा में एक साथ समवेत दोनों सदनों में अभिभाषण करेगा और विधान-मंडल को उसके आह्वान के कारण बताएगा।
(2) सदन या प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों द्वारा ऐसे अभिभाषण में विषयों की चर्चा के लिए समय नियत करने के लिए उपबंध किया जाएगा। भारत के संविधान में अनुच्छेद 175(2) में राज्यपाल को संदेश देने के लिए सदन को बुलाने का अधिकार दिया गया है।

अनुच्छेद 175: सदन या सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का अधिकार:
(1) राज्यपाल, विधानसभा में या विधानपरिषद वाले राज्य की दशा में उस राज्य के विधान-मंडल के किसी एक सदन में या एक साथ समवेत दोनों सदनों में, अभिभाषण कर सकेगा। इस प्रयोजन के लिए सदस्यों की उपस्थिति की अपेक्षा कर सकेगा।
(2) राज्यपाल, राज्य के विधानमंडल में उस समय लंबित किसी विधेयक के संबंध में संदेश या कोई अन्य संदेश, उस राज्य के विधान-मंडल के सदन या सदनों को भेज सकेगा और जिस सदन को कोई संदेश इस प्रकार भेजा गया है। वह सदन उस संदेश द्वारा विचार करने के लिए अपेक्षित विषय पर सुविधानुसार शीघ्रता से विचार करेगा।


प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कि अब जब पांचवां सत्र बजट के लिए 16 मार्च से 13 अप्रैल 2020 के लिए आहूत किया जा चुका है तब अनुच्छेद 175(2) की प्रासंगिकता वर्तमान परिप्रेक्ष्य में नही रह जाती।

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