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सिंधिया को नौ महीने बाद भी देनी पड़ रही सफाई, आखिर क्यों गिराई कमलनाथ सरकार

Wed, 21 Oct 2020 09:07 PM IST
दीप्ति मिश्रा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Wed, 21 Oct 2020 09:07 PM IST
सार

  • कांग्रेस के नेताओं का कहना, सिंधिया ठोस कारण नहीं बता पा रहे
  • भाजपा के नेता कहते हैं कि कमलनाथ ने 15 महीने में अच्छा किया ही क्या?

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ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter Jyotiraditya Scindia

विस्तार

कांग्रेस के कद्दावर युवा नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया नौ महीने पहले 10 मार्च को भाजपाई हो चुके हैं, लेकिन उपचुनाव में उन्हें लगातार खुद के भाजपाई होने और कमलनाथ की सरकार गिराने को लेकर सफाई देनी पड़ रही है।

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कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आईटी टीम के सूत्र का कहना है कि ज्योतिरादित्य की सफाई मध्यप्रदेश के लोगों के गले नहीं उतर रही है। कांग्रेस के युवा नेता का कहना है कि लोग गूगल और सोशल मीडिया में ज्योतिरादित्य को सर्च कर रहे हैं, लेकिन उनकी सफाई नहीं रास आ रही है।
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भाजपा में जाकर पछता रहे सिंधिया :
कांग्रेस पार्टी के सचिव मनोज त्यागी पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम में लगातार सक्रिय रहते हैं। मनोज त्यागी का भी कहना है कि सिंधिया भाजपा में चले गए हैं, लेकिन वह जरूर भीतर से पछता रहे होंगे। मनोज का कहना है कि ग्वालियर-चंबल संभाग की जनता सिंधिया को माफ करने वाली नहीं है। वह कमलनाथ की सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप तो लगा रहे हैं, लेकिन जनता उनकी सफाई पर यकीन नहीं कर रही है। 

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सिंधिया की स्टाइल देखिए 

वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन भी मध्यप्रदेश की राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। अनिल जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश का उपचुनाव सिंधिया की ज्योति बुझने का संकेत है। वह मंगलवार को छिमक गांव(डाबरा) में सिंधिया की जनसभा का जिक्र करते हुए कहते हैं कि उन्हें सिंधिया काफी हताश और तनाव से भरे नजर आए।
जैन का कहना है कि जनसभा में सिंधिया इमरती देवी पर कमलनाथ की टिप्पणी का जिक्र करके पूर्व मुख्यमंत्री को नसीहतें दे रहे थे। उस समय इमरती देवी मंच पर रो रही थी। सिंधिया काफी आवेश और आक्रोश में थे। इस दौरान सिंधिया ने मंच पर इमरती देवी को गले भी लगाया। अनिल जैन का कहना है कि यह मुद्दा इतना बड़ा नहीं है, जितना किया जा रहा है। कारण साफ है कि उपचुनाव में सिंधिया के पास बताने के लिए नया और महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। सच पूछिए तो उनका सबकुछ दांव पर लगा है।

15 महीने में कमलनाथ ने किया ही क्या?

भाजपा के नेताओं का कहना है कि कमलनाथ राज्य में 15 महीने मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने सब्जबाग दिखाने के सिवा किया ही क्या? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, कमलनाथ ने 15 महीने में मुख्यमंत्री कार्यालय को उद्योगपतियों, दलालों का अड्डा बना दिया। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा कमलनाथ को बूढ़ा बताते हैं। लेकिन 15 महीने के भीतर कांग्रेस की सरकार गिराने, कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाने पर टिप्पणी करने से बचते हैं।
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