{"_id":"5dce56518ebc3e54d031f2f7","slug":"justice-nariman-says-government-should-read-important-orders-of-disagreement-in-sabarimala-verdict","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी सरकार को बोलिए, सबरीमाला मामले में हमारे आदेश का पालन करें: सुप्रीम कोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अपनी सरकार को बोलिए, सबरीमाला मामले में हमारे आदेश का पालन करें: सुप्रीम कोर्ट
Fri, 15 Nov 2019 02:34 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 15 Nov 2019 02:34 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को सबरीमला मामले में असहमति का बहुत ही महत्वपूर्ण आदेश पढ़ना चाहिए। न्यायमूर्ति नरिमन ने अपनी और न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ की ओर से असहमति का आदेश लिखा था।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति नरिमन ने सालिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि कृपया अपनी सरकार को सबरीमला मामले में सुनाए गए असहमति के फैसले को पढ़ने के लिए कहें, जो बहुत ही महत्वपूर्ण है.....अपने प्राधिकारी को सूचित कीजिए और सरकार को इसे पढ़ने के लिए कहिए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति नरिमन और न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ सबरीमला मामले की सुनवाई करने वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के सदस्य थे ओर उन्होंने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलओं को प्रवेश की अनुमति देने संबंधी सितंबर, 2018 के शीर्ष अदालत के फैसले पर पुनर्विचार की याचिकाओं को खारिज करते हुए गुरुवार को बहुमत के फैसले से असहमति व्यक्त की थी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति नरिमन ने मेहता से यह उस वक्त कहा जब न्यायालय मनी लॉड्रिंग मामले में कांग्रेस के नेता डी के शिवकुमार को जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय की अपील पर सुनवाई कर रहा था। न्यायालय ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की अपील खारिज कर दी।