{"_id":"5c01e6d6bdec22419677e659","slug":"justice-joseph-says-supreme-courts-crisis-does-not-end-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेस कांफ्रेंस करने का कोई अफसोस नहीं, SC का संकट अभी समाप्त नहीं हुआ : जस्टिस जोसेफ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
प्रेस कांफ्रेंस करने का कोई अफसोस नहीं, SC का संकट अभी समाप्त नहीं हुआ : जस्टिस जोसेफ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Dec 2018 07:13 AM IST
विज्ञापन
justice joseph
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने सेवानिवृत्त होने के एक दिन बाद शुक्रवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट का संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यह सुधार की प्रक्रिया है और चलती रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को तीन अन्य जजों के साथ किए गए अप्रत्याशित प्रेस कांफ्रेंस का उन्हें कोई अफसोस नहीं है।
रिटायरमेंट के एक दिन बाद कहा, जनवरी में प्रेस कांफ्रेंस करने का कोई अफसोस नहीं
शुक्रवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में जस्टिस जोसेफ ने कहा कि देश के सामने आने का उनका मकसद संस्थान के समक्ष आए संकट को उजागर करना था, किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं। उन्होंने कहा कि प्रेस कांफ्रेंस रोस्टर सिस्टम को लेकर नहीं था। वह कई कारणों में से एक था।
हम चाहते थे कि केसों के आवंटन को लेकर साथी जजों से सलाह करने का स्थायी तंत्र विकसित किया जाए। हमें इस बात से शिकायत थी कि किसी एक व्यक्ति को ही निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे कहने के बाद चीजों में पारदर्शिता आई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की सिफारिशों में देरी से न्यायिक प्रशासन पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति फिलहाल ‘ड्राफ्ट मेमोरैंडम ऑफ प्रोसीजर’ (एमओपी) के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि पता नहीं क्यों सरकार एमओपी को अंतिम रूप देने में देरी कर रही है।
जजों पर कभी राजनीतिक दबाव नहीं होता
पूर्व न्यायमूर्ति ने कहा कि किसी मामले को लेकर उन्हें या सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश पर कभी राजनीतिक दबाव नहीं होता। जहां तक मेरी बात है, मेरे साथ ऐसा कभी नहीं हुआ। एक जज होने के नाते कभी भी राजनीतिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ा। सबरीमाला सहित कई अन्य फैसलों के अनुपालन में मुश्किल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब फैसला दिया जाता है तो वह कानून बन जाता है और सभी को कानून का पालन करना चाहिए।
सेवानिवृत्त जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा मैंने आज तक जो कुछ किया, उसका कभी अफसोस नहीं हुआ। जो किया वह किसी उद्देश्य के लिए और पूरी तरह जागृत होकर किया। उस वक्त प्रेस कांफ्रेंस करने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा था।
विज्ञापन
रिटायरमेंट के एक दिन बाद कहा, जनवरी में प्रेस कांफ्रेंस करने का कोई अफसोस नहीं
शुक्रवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में जस्टिस जोसेफ ने कहा कि देश के सामने आने का उनका मकसद संस्थान के समक्ष आए संकट को उजागर करना था, किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं। उन्होंने कहा कि प्रेस कांफ्रेंस रोस्टर सिस्टम को लेकर नहीं था। वह कई कारणों में से एक था।
विज्ञापन
हम चाहते थे कि केसों के आवंटन को लेकर साथी जजों से सलाह करने का स्थायी तंत्र विकसित किया जाए। हमें इस बात से शिकायत थी कि किसी एक व्यक्ति को ही निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे कहने के बाद चीजों में पारदर्शिता आई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की सिफारिशों में देरी से न्यायिक प्रशासन पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति फिलहाल ‘ड्राफ्ट मेमोरैंडम ऑफ प्रोसीजर’ (एमओपी) के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि पता नहीं क्यों सरकार एमओपी को अंतिम रूप देने में देरी कर रही है।
जजों पर कभी राजनीतिक दबाव नहीं होता
पूर्व न्यायमूर्ति ने कहा कि किसी मामले को लेकर उन्हें या सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश पर कभी राजनीतिक दबाव नहीं होता। जहां तक मेरी बात है, मेरे साथ ऐसा कभी नहीं हुआ। एक जज होने के नाते कभी भी राजनीतिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ा। सबरीमाला सहित कई अन्य फैसलों के अनुपालन में मुश्किल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब फैसला दिया जाता है तो वह कानून बन जाता है और सभी को कानून का पालन करना चाहिए।
सेवानिवृत्त जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा मैंने आज तक जो कुछ किया, उसका कभी अफसोस नहीं हुआ। जो किया वह किसी उद्देश्य के लिए और पूरी तरह जागृत होकर किया। उस वक्त प्रेस कांफ्रेंस करने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा था।