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INX मीडिया केस में आया नया मोड़, मामले की सुनवाई कर रही जज ने किया खुद को अलग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:49 AM IST
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Karti Chidambaram
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आईएनएक्स मीडिया रिश्वत मामले में हर दिन एक नया मोड़ सामने आ रहा है। कल जहां इस मामले के मुख्य आरोपी कार्ति चिदंबरम को 24 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। वहीं आज खबर आ रही है कि इस पूरे मामले की सुनवाई कर रहीं जज इंद्रमीत कौर ने पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है।
बता दें अभी तक कार्ति और आईएनएक्स मीडिया का मामला दिल्ली हाईकोर्ट में इंद्रमीत कौर की बेंच देख रही थी। मामले से खुद को अलग करने के मामले में जस्टिस कौर ने अभी तक कोई कारण नहीं बताया है। वहीं उन्होंने इस पूरे मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया है। अब इस केस की जांच कोई दूसरी बेंच करेगी।
कार्ति की जमानत याचिका की सुनवाई आज कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायाधीश सी हरिशंकर की बेंच को करनी है। कार्ति के माता पिता यानि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदबरम और नलिनी चिदंबरम अदालत में मौजूद हैं। बता दें कि कार्ति को विशेष सीबीआई कोर्ट ने उन्हें 24 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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बता दें अभी तक कार्ति और आईएनएक्स मीडिया का मामला दिल्ली हाईकोर्ट में इंद्रमीत कौर की बेंच देख रही थी। मामले से खुद को अलग करने के मामले में जस्टिस कौर ने अभी तक कोई कारण नहीं बताया है। वहीं उन्होंने इस पूरे मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया है। अब इस केस की जांच कोई दूसरी बेंच करेगी।
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#INXMediaCase: Delhi High court Justice Indermeet Kaur recuses from hearing #KartiChidambaram’s bail plea, matter referred to another bench.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 13, 2018
कार्ति की जमानत याचिका की सुनवाई आज कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायाधीश सी हरिशंकर की बेंच को करनी है। कार्ति के माता पिता यानि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदबरम और नलिनी चिदंबरम अदालत में मौजूद हैं। बता दें कि कार्ति को विशेष सीबीआई कोर्ट ने उन्हें 24 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
कार्ति को अदालत ने किताबें व चश्मा ले जाने की अनुमति नहीं दी है
Karti Chidambaram
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज सुनील राणा ने सीबीआई की अर्जी पर सुनवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश सुनाया। साथ ही कोर्ट ने उन्हें अलग सेल में रखने की अपील भी ठुकरा दी।
हालांकि कोर्ट ने उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करवाने का निर्देश तिहाड़ जेल अधीक्षक को दिया है। दूसरी ओर कोर्ट ने जेल के डॉक्टर की सलाह पर उन्हें दी जाने वाली दवाएं जेल ले जाने की अनुमति प्रदान की है, लेकिन उन्हें किताबें व चश्मा ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
इस मामले में मीडिया समूह की पूर्व सीईओ इंद्राणी मुखर्जी व कार्ति के सीए एस. भास्कर रमण से पूछताछ हो चुकी है। मामला 2007 में एक मीडिया समूह में विदेशी निवेश के लिए विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने में अनियमितता से जुड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि कार्ति ने मीडिया हाउस में एफआईपीबी की अनुमति दिलाने के लिए दस लाख डॉलर की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने कार्ति को 28 फरवरी को लंदन से लौटने के बाद चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया था।
हालांकि कोर्ट ने उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करवाने का निर्देश तिहाड़ जेल अधीक्षक को दिया है। दूसरी ओर कोर्ट ने जेल के डॉक्टर की सलाह पर उन्हें दी जाने वाली दवाएं जेल ले जाने की अनुमति प्रदान की है, लेकिन उन्हें किताबें व चश्मा ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
इस मामले में मीडिया समूह की पूर्व सीईओ इंद्राणी मुखर्जी व कार्ति के सीए एस. भास्कर रमण से पूछताछ हो चुकी है। मामला 2007 में एक मीडिया समूह में विदेशी निवेश के लिए विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने में अनियमितता से जुड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि कार्ति ने मीडिया हाउस में एफआईपीबी की अनुमति दिलाने के लिए दस लाख डॉलर की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने कार्ति को 28 फरवरी को लंदन से लौटने के बाद चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया था।