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Supreme Court: जस्टिस चंद्रचूड़ बने देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

Wed, 09 Nov 2022 02:23 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 09 Nov 2022 02:23 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने आज देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण की। वह 10 नवंबर, 2024 तक पद पर बने रहेंगे। 

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Justice DY Chandrachud became 50th CJI of Supreme Court News in Hindi
CJI चंद्रचूड़ को राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने आज देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदभार ग्रहण किया। बुधवार सुबह राष्ट्रपति भवन में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंद्रचूड़ को प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण कराई। उन्होंने सीजेआई यूयू ललित की जगह ली है, जो आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे पहले छह नवंबर को सीजेआई यूयू ललित को औपचारिक सेरेमोनियल बेंच गठित कर विदाई दी गई थी। शपथ ग्रहण के बाद सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, देश की सेवा करना मेरी प्राथमिकता है। हम भारत के सभी नागरिकों के हितों की रक्षा करेंगे। चाहे वह तकनीक हो, रजिस्ट्री सुधार हो या न्यायिक सुधारों के मामले में हों।

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पिता वाईवी चंद्रचूड़ थे 16 वें प्रधान न्यायाधीश
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ वाईवी चंद्रचूड़ देश के 16वें चीफ जस्टिस थे। वाईवी चंद्रचूड़ का कार्यकाल 22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985 तक करीब सात साल रहा। यह किसी सीजेआई का अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। पिता के रिटायर होने के 37 साल बाद उनके बेटे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सीजेआई बने हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के भी इतिहास का पहला उदाहरण है कि पिता के बाद बेटा भी सीजेआई बनेगा। 

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विवाहेतर संबंधों पर पलट दिया पिता का ही फैसला
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के फैसले चर्चित रहे हैं। इनमें वर्ष 2018 में विवाहेतर संबंधों (व्याभिचार कानून) को खारिज करने वाला फैसला शामिल है। 1985 में तत्कालीन सीजेआई वाईवी चंद्रचूड़ की पीठ ने सौमित्र विष्णु मामले में भादंवि की धारा 497 को कायम रखते हुए कहा था कि संबंध बनाने के लिए फुसलाने वाला पुरुष होता है न कि महिला। वहीं, डीवाई चंद्रचूड ने 2018 के फैसले में 497 को खारिज करते हुए कहा था 'व्याभिचार कानून महिलाओं का पक्षधर लगता है लेकिन असल में यह महिला विरोधी है। शादीशुदा संबंध में पति-पत्नी दोनों की एक बराबर जिम्मेदारी है, फिर अकेली पत्नी पति से ज्यादा क्यों सहे? व्याभिचार पर दंडात्मक प्रावधान संविधान के तहत समानता के अधिकार का परोक्ष रूप से उल्लंघन है क्योंकि यह विवाहित पुरुष और विवाहित महिलाओं से अलग-अलग बर्ताव करता है।'





प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई 
भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने लिखा, देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बधाई। मैं एक उनके बेहतर कार्यकाल की कामना करता हूं। इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उन्हें बधाई दी है। उन्होंने लिखा- मैं भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद ग्रहण करने पर न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ को शुभकामनाएं देता हूं। वह आने वाले समय में हमारे समाज में कानून और न्याय के मुद्दे को सफलतापूर्वक बनाए रखें।

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