{"_id":"6ae6e54cf0035c997d0ac598","slug":"justice-bhuyan-at-convocation-ceremony-said-arbitrary-power-thrives-on-ignorance-and-fear-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"'अज्ञानता-डर से पनपती है मनमानी सत्ता': दीक्षांत समारोह में बोले जस्टिस भुइयां, वैज्ञानिक सोच को बताया जरूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'अज्ञानता-डर से पनपती है मनमानी सत्ता': दीक्षांत समारोह में बोले जस्टिस भुइयां, वैज्ञानिक सोच को बताया जरूरी
Sun, 01 Nov 2026 12:38 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, शिलांग
पीटीआई, शिलांग
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:38 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण लोकतंत्र और कानून के शासन की मजबूत नींव है। अज्ञानता, डर और बिना परखे विश्वासों के सहारे मनमानी सत्ता पनपती है। उन्होंने शिक्षा में वैज्ञानिक सोच और तार्किक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया।
विज्ञापन
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने लोकतंत्र और कानून के शासन को मजबूत करने में 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण' के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मनमानी सत्ता अज्ञानता, डर और बिना परखे विश्वासों के सहारे पनपती है।
जस्टिस भुइयां ने क्या कहा?
शनिवार को मेघालय के री-भोई जिले में 'यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय' (यूएसटीएम) के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, जस्टिस भुइयां ने पूर्वोत्तर में शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने के लिए संस्थान की तारीफ की। शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच संबंध पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही कानून के शासन की नींव रखता है।' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसा इसलिए है क्योंकि मनमानी सत्ता अज्ञानता, डर और बिना परखे विश्वासों के दम पर फलती-फूलती है।'
कितने छात्रों को मिली डिग्री?
विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑडिटोरियम में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कुल 1,469 छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 42 पीएचडी स्कॉलर, 584 पोस्टग्रेजुएट छात्र, 798 अंडरग्रेजुएट छात्र और 45 डिप्लोमा धारक शामिल थे। 'एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज' की महासचिव पंकज मित्तल ने दीक्षांत समारोह में मुख्य संबोधन दिया।
विज्ञापन
समारोह में कौन-कौन मौजूद रहा?
इस समारोह में गुवाहाटी हाई कोर्ट के जज - जस्टिस कल्याण राय सुराना, जस्टिस सौमित्र सैकिया, जस्टिस रॉबिन फूकन, जस्टिस करदक एते और जस्टिस उन्नी कृष्णन नायर के साथ-साथ गुवाहाटी हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पी.के. डेका भी मौजूद थे।
इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति (वाइस-चांसलर) और प्रमुख भी शामिल हुए। इनमें 'इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी', 'मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी', 'सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ ओडिशा', 'राजीव गांधी यूनिवर्सिटी', 'मिजोरम यूनिवर्सिटी', 'इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी' और 'सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान' के प्रतिनिधि शामिल थे।
यूएसटीएम के कुलपति प्रोफेसर जीडी. शर्मा ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट पेश की, जिसके बाद स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) वितरित किए गए। कुल 29 मेडल बेहतरीन पोस्टग्रेजुएट छात्रों को और 34 मेडल बेहतरीन अंडरग्रेजुएट छात्रों को दिए गए।
विज्ञापन
जस्टिस भुइयां ने क्या कहा?
शनिवार को मेघालय के री-भोई जिले में 'यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय' (यूएसटीएम) के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, जस्टिस भुइयां ने पूर्वोत्तर में शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने के लिए संस्थान की तारीफ की। शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच संबंध पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही कानून के शासन की नींव रखता है।' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसा इसलिए है क्योंकि मनमानी सत्ता अज्ञानता, डर और बिना परखे विश्वासों के दम पर फलती-फूलती है।'
विज्ञापन
कितने छात्रों को मिली डिग्री?
विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑडिटोरियम में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कुल 1,469 छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 42 पीएचडी स्कॉलर, 584 पोस्टग्रेजुएट छात्र, 798 अंडरग्रेजुएट छात्र और 45 डिप्लोमा धारक शामिल थे। 'एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज' की महासचिव पंकज मित्तल ने दीक्षांत समारोह में मुख्य संबोधन दिया।
विज्ञापन
समारोह में कौन-कौन मौजूद रहा?
इस समारोह में गुवाहाटी हाई कोर्ट के जज - जस्टिस कल्याण राय सुराना, जस्टिस सौमित्र सैकिया, जस्टिस रॉबिन फूकन, जस्टिस करदक एते और जस्टिस उन्नी कृष्णन नायर के साथ-साथ गुवाहाटी हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पी.के. डेका भी मौजूद थे।
इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति (वाइस-चांसलर) और प्रमुख भी शामिल हुए। इनमें 'इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी', 'मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी', 'सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ ओडिशा', 'राजीव गांधी यूनिवर्सिटी', 'मिजोरम यूनिवर्सिटी', 'इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी' और 'सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान' के प्रतिनिधि शामिल थे।
यूएसटीएम के कुलपति प्रोफेसर जीडी. शर्मा ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट पेश की, जिसके बाद स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) वितरित किए गए। कुल 29 मेडल बेहतरीन पोस्टग्रेजुएट छात्रों को और 34 मेडल बेहतरीन अंडरग्रेजुएट छात्रों को दिए गए।