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मुंबई ट्रेन धमाका: हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि के खिलाफ सुरक्षित रखा फैसला, बीते 6 महीने से चल रही थी नियमित सुनवाई
Fri, 31 Jan 2025 09:29 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 31 Jan 2025 09:29 PM IST
सार
साल 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल धमाकों के मामले में हाईकोर्ट ने करीब साढ़े छह महीने की मैराथन सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। धमाकों के 12 दोषियों ने सजा के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
साल 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल धमाकों के मामले में हाईकोर्ट ने करीब साढ़े छह महीने की मैराथन सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। धमाकों के 12 दोषियों ने सजा के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। आखिरी दिन जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चांडक ने मामले की सुनवाई पूरी की।
दोषियो ने फैसले को दी थी चुनौती
कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपियों ने अपनी दोष सिद्धी और सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जिस पर बीते 6 महीने से नियमित सुनवाई हुई। आरोपियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता युग मोहित चौधरी और पायोशी रॉय ने अपनी दलीलें पेश की।
बता दें कि साल 2015 में विशेष अदालत ने 12 लोगों को दोषी ठहराया था। इनमें से पांच आरोपियों एहतेशाम सिद्दीकी, आसिफ खान, फैसल शेख, नावेद खान और कमाल अंसारी को मौत की सजा और 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
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कोर्ट ने दोषियों को दिया दो मिनट का समय
मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर कोई आरोपी कुछ कहना चाहता है, तो हम उसे दो मिनट के लिए ऐसा करने की अनुमति दे सकते हैं। इस पर नागपुर जेल में बंद एक आरोपी नावेद हुसैन ने अदालत से कहा कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। इसके बाद कोई अन्य आरोपी ने कुछ नहीं कहा, तो कोर्ट ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि "फैसले के लिए सुनवाई बंद है।
7 धमाकों से दहली मुंबई
गौरतलब है कि 11 जुलाई 2006 को लोकल ट्रेनों में 11 मिनट के भीतर लगातार 7 बम धमाकों से मुंबई दहल उठी थी। ये धमाके मुंबई माटुंगा रोड, माहिम जंक्शन, बांद्रा, खार रोड, जोगेश्वरी, बोरिवली और मीरा रोड में हुए थे। इन धमाकों में 187 लोगों की जान चली गई थी और करीब 829 लोग घायल हुए थे। जांच में पता चला कि प्रेशर कुकर में बम रखे गए थे।
13 लोगों को किया गया था गिरफ्तार
इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 15 अन्य को वांछित घोषित किया गया था। इनमें से कुछ पाकिस्तान में हैं। महाराष्ट्र एटीएस ने मकोका और यूएपीए के तहत नवंबर, 2006 में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
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दोषियो ने फैसले को दी थी चुनौती
कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपियों ने अपनी दोष सिद्धी और सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जिस पर बीते 6 महीने से नियमित सुनवाई हुई। आरोपियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता युग मोहित चौधरी और पायोशी रॉय ने अपनी दलीलें पेश की।
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बता दें कि साल 2015 में विशेष अदालत ने 12 लोगों को दोषी ठहराया था। इनमें से पांच आरोपियों एहतेशाम सिद्दीकी, आसिफ खान, फैसल शेख, नावेद खान और कमाल अंसारी को मौत की सजा और 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
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कोर्ट ने दोषियों को दिया दो मिनट का समय
मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर कोई आरोपी कुछ कहना चाहता है, तो हम उसे दो मिनट के लिए ऐसा करने की अनुमति दे सकते हैं। इस पर नागपुर जेल में बंद एक आरोपी नावेद हुसैन ने अदालत से कहा कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। इसके बाद कोई अन्य आरोपी ने कुछ नहीं कहा, तो कोर्ट ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि "फैसले के लिए सुनवाई बंद है।
7 धमाकों से दहली मुंबई
गौरतलब है कि 11 जुलाई 2006 को लोकल ट्रेनों में 11 मिनट के भीतर लगातार 7 बम धमाकों से मुंबई दहल उठी थी। ये धमाके मुंबई माटुंगा रोड, माहिम जंक्शन, बांद्रा, खार रोड, जोगेश्वरी, बोरिवली और मीरा रोड में हुए थे। इन धमाकों में 187 लोगों की जान चली गई थी और करीब 829 लोग घायल हुए थे। जांच में पता चला कि प्रेशर कुकर में बम रखे गए थे।
13 लोगों को किया गया था गिरफ्तार
इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 15 अन्य को वांछित घोषित किया गया था। इनमें से कुछ पाकिस्तान में हैं। महाराष्ट्र एटीएस ने मकोका और यूएपीए के तहत नवंबर, 2006 में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।