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चिदंबरम की याचिका खारिज करने वाले जज शुक्रवार को सेवानिवृत हो रहे हैं 

Wed, 21 Aug 2019 09:24 AM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Wed, 21 Aug 2019 09:24 AM IST
सार

  • पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत नहीं दी है।
  • दिल्ली हाईकोर्ट के जज सुनील गौड़ ने उनकी याचिका खारिज की।
  • गौड़ शुक्रवार को सेवानिवृत होने वाले हैं, उनका कहना है कि मामले में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा।
  • जस्टिस सुनील गौड़ ने इस दौरान एक और हाई प्रोफाइल मामले की सुनवाई की।

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Judge who rejected anticipatory bail request of P Chidambaram retires of Friday
जज सुनील गौड़ - फोटो : social media

विस्तार

पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत नहीं दी है। उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट के जज सुनील गौड़ ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा, "मामले के तथ्यों की प्रथमदृष्टया से पता चलता है कि याचिकाकर्ता प्रमुख साजिशकर्ता है।" 

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गौड़ शुक्रवार को सेवानिवृत होने वाले हैं, उनका कहना है कि मामले में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। चिदंबरम को अभी तक हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी हुई थी।
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जस्टिस सुनील गौड़ ने इस दौरान एक और हाई प्रोफाइल मामले की सुनवाई की। ये मामला बैंक घोटाले से जुड़ा है। जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी का नाम भी शामिल है। पुरी की अंतरिम जमानत की याचिका भी खारिज कर दी गई है। पुरी की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद जस्टिस गौड़ ने कहा कि एक प्रभावी जांच के लिए उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है। 
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जस्टिस गौड़ ने अपने करियर की शुरुआत पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से साल 1984 में की थी। वह 1995 में दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा से जुड़े थे। वह 2008 से दिल्ली हाईकोर्ट में हैं।

क्या है मामला?

केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज की थी। जिसमें आरोप था कि आईएनएक्स को फायदा पहुंचाने के लिए विदेशी निवेश को स्वीकृति देने वाले विभाग फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) ने कई तरह की गड़बड़ियां की थीं। जिस वक्त कंपनी को निवेश की स्वीकृति दी गई थी, उस समय पी चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे।

कार्ति चिदंबरम पर आरोप

पी चिदंबरम के अलावा उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ भी ये आरोप हैं कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ संभावित जांच को रुकवाने के लिए 10 लाख डॉलर की मांग की थी। इस मामले में कार्ति चिदंबरम को बीते साल 28 फरवरी को गिरफ्तार भी किया गया था। 

जिसपर सीबीआई ने बताया कि आईएनएक्स मीडिया की पूर्व डायरेक्टर इंद्राणी मुखर्जी ने उनसे पूछताछ में कहा था कि कार्ति ने उनसे पैसों की मांग की थी। ये सौदा दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में तय हुआ था। फिलहाल इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में हैं। 

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