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राजनीतिक उठापटक : भाजपा और आईपीएफटी गठबंधन के बीच मतभेद को दूर करने त्रिपुरा जाएंगे नड्डा
Sat, 26 Jun 2021 03:12 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 26 Jun 2021 03:12 AM IST
सार
त्रिपुरा में भाजपा की सहयोगी आईपीएफटी के नेता और जनजाति कल्याण मंत्री मेवार कुमार जमातिया गठबंधन की पेचीदगी को सुलझाने के लिए हाल में दिल्ली में थे।
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा
- फोटो : ANI
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विस्तार
त्रिपुरा में भाजपा और उसके गठबंधन सहयोगी पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के बीच जारी असंतोष को खत्म करने के लिए जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिपुरा का दौरा कर सकते हैं।
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आईपीएफटी के सूत्रों के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जल्द ही राज्य का दौरा कर मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया है ताकि सरकार का कामकाज सही गति से चल सके।
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इससे पूर्व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने त्रिपुरा का दौरा कर मौजूदा हालात पर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की प्रतिक्रिया ली थी। त्रिपुरा मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावनाओं के बीच आईपीएफटी के सूत्र के अनुसार खाली पड़े चार कैबिनेट पदों में एक पड़ वह दावा कर रही है। सदन में आईपीएफटी के 8 विधायक हैं।
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राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि आईपीएफटी को भाजपा के साथ कोई नुकसान नहीं है। कैबिनेट में उनके दो मंत्री हैं। जबकि स्वायत्तशासी जिला परिषद के चुनाव में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।
वहीं, आईपीएफटी का कहना है कि एडीसी चुनाव में उसने सीट भले न जीती हो मगर उसे 12 फीसदी मत मिले हैं। गौरतलब है कि आईपीएफटी गृह मंत्रालय की ओर से 2018 में गठित कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के साथ ही राज्य में अनुसूचित जनजातियों की आबादी के मद्देनजर नियुक्ति अभियान चलाने की मांग कर रही है।
राज्य में भाजपा मानिक सरकार के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को 2018 में हराकर सत्ता पर काबिज हुई थी। 60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा में भाजपा के 36 और आईपीएफटी के 8 विधायक हैं।