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Hindi News ›   India News ›   Joseph Robin Biden Junior alias Joe Biden will take oath as American 46th President

आइए हिज एक्सीलेंसी जो बाइडन साहब आपका स्वागत है

Wed, 20 Jan 2021 05:21 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 20 Jan 2021 05:21 PM IST
सार

  • बाइडन टीम में दिखेगा 'भारत', लेकिन ट्रंप की छाया से अमेरिका को बाहर लाने में लगेगा वक्त
  • अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियां करती रहेंगी पीछा
  • जाते-जाते खूब कांटे बो कर जा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

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Joseph Robin Biden Junior alias Joe Biden will take oath as American 46th President
Sand art Joe Biden and Kamla Harris - फोटो : PTI

विस्तार

जोसेफ रॉबिनेट बाइडन जूनियर (जो बाइडन) अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत दुनिया के राष्ट्राध्यक्ष शपथ लेने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को बधाई देने के इंतजार में हैं। अमेरिका समेत दुनिया के देशों, संयुक्त राष्ट्र संगठनों समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को उम्मीद है कि राष्ट्रपति जो बाइडन के सत्ता में आने के बाद अमेरिका नई हवा में सांस लेगा। दुनिया में उदारवाद को बढ़ावा मिलेगा। पश्चिम एशिया, यूरोप, रूस, चीन पर ट्रंप के रुख से पूरी दुनिया एक बार बदलाव के रास्ते पर चलेगी। भारत के भी कूटनीति के जानकार पूरी संवेदनशीलता के साथ अपनी निगाह अमेरिका पर टिकाए हैं।

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भारत ने अमेरिका के चुनाव नतीजा आने के बाद से ही सामरिक साझीदार देश से समीकरण साधने की कोशिशें तेज कर दी हैं। विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर कूटनीति के महारथियों में गिने जाते हैं। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू पर भी भारत को पूरा भरोसा है। अमेरिका के नए विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन होंगे। ब्लिंकेन के पास अमेरिका में करीब 30 साल का राजनीतिक अनुभव है और 2008 में बराक हुसैन ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने अमेरिका के साथ हुए असैन्य परमाणु करार पर गलतफहमियां दूर की थी।
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ब्लिंकेन ओबामा प्रशासन में डिप्टी एनएसए थे और उपराष्ट्रपति जो बाइडन के साथ काम करते थे। राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान के समय ब्लिंकेन जो बाइडन के विदेश मामलों के सलाहकार थे। अमेरिका में काम कर चुके भारतीय राजनयिक का कहना है कि वहां की सरकार सिस्टम के सहारे चलती है। डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों भारत को महत्व देते हैं। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।

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सब ठीक रहेगा, बस कुछ समय लगेगा

पूर्व विदेश मंत्री कुंवर नटवर सिंह कहते हैं कि जो बाइडन राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद पहले अंदरूनी स्थिति पर विशेष ध्यान देंगे। अमेरिका में उनके सामने कोविड-19 संक्रमण और इसके बाद की चुनौती से निबटना काफी महत्वपूर्ण है। पिछले दो-तीन सप्ताह में जिस तरह से परिपक्व लोकतंत्र कहे जाने वाले अमेरिका की छवि बिगड़ी है, उस पर उनका विशेष ध्यान होगा।


इसके बाद जो बाइडन की निगाह में संयुक्त राष्ट्र और उससे जुड़ी संस्थाओं को मजबूती देने में अमेरिका के योगदान, मध्य एशिया, यूरोप, रूस, चीन के साथ समीकरणों पर रहेगा। पांचवें नंबर पर अमेरिका के भावी राष्ट्रपति भारत, दक्षिण एशिया की तरफ ध्यान देंगे। जो बाइडन ने खुद कहा कि वह सब कुछ ठीक करेंगे। लेकिन कुंवर नटवर सिंह की राय में राष्ट्रपति ट्रंप की छाया से अमेरिका को नए रास्ते पर ले जाने में जो बाइडन को समय लगेगा। यह इतना आसान भी नहीं है।

उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से भी हैं उम्मीदें

पहली बार अमेरिका में भारतीय मूल की कमला हैरिस उपराष्ट्रपति बन रही हैं। वह माइक पेंस का स्थान लेंगी। भारत को कमला हैरिस से काफी उम्मीदें हैं। कमला हैरिस ने प्रचार अभियान के दौरान भी भारत से रिश्तों पर काफी जोर दिया था। कमला हैरिस और निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन में शानदार केमिस्ट्री देखी जा रही है। भारतीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा और जो बाइडन में गहरा तालमेल है। ओबामा ने भी भारत और अमेरिका के रिश्ते को काफी अहमियत दी थी। दूसरे राष्ट्रपति ट्रंप के समय में अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया और भारत का मजबूत गठजोड़ बना है। अमेरिकी प्रशासन कभी भी इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं चाहेगा।

बाइडन प्रशासन में ये चेहरे भी निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

जो बाइडन प्रशासन में मैनेजमेंट एंड बजट डायरेक्टर की जिम्मेदारी नीरा टंडन के कंधे पर होगी। नीरा टंडन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के समय से ही प्रभावशाली हैं। उनकी हिलेरी रोधम क्लिंटन से भी अच्छी निभती रही है। वह पहली अश्वेत महिला होंगी, जिन्हें यह जिम्मेदारी मिल रही है।

भरत राममूर्ति को नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर की जिम्मेदारी मिल रही है। वनिता गुप्ता एसोसिएट अटार्नी जनरल तो डा. विवेक मूर्ति सर्जन जनरल का पद संभालेंगे। पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के समय में भी विवेक मूर्ति महत्वपूर्ण भूमिका में थे। उजरा जोया नागरिक सुरक्षा, मानवाधिकार ओर लोकतंत्र जैसे विभाग में अंडर सेक्रेटरी का काम देखेंगी। उजरा को दक्षिण एशिया में मानव अधिकार के मामले में कामकाज का अच्छा अनुभव है।

वेदांत पटेल को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल रही है। वेदांत पटेल जो बाइडन के प्रचार अभियान के दौरान काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। सबरीना सिंह सरदार जेजे सिंह की पोती हैं। जेजे सिंह अमेरिका में भारतीय अमेरिकी समुदाय के हित में काम करने वाली संस्था इंडिया लीग ऑफ अमेरिका के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। विनय रेड्डी भी भारतीय मूल के हैं और इन्होंने बाइडन तथा कमला हैरिस के चुनाव के दौरान भाषण लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।



इसके अलावा विदुर शर्मा, समीरा फजिली, नेहा गुप्ता, सोनिया अग्रवाल, वनिता गुप्ता, गरिमा वर्मा, रीमा शाह, सुमोना गुहा, तरुण छाबड़ा, आयशा शाह, गौतम राघवन जैसे तमाम भारतीय जो बाइडन प्रशासन में अहम जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।

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