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Ukraine Crisis: बाइडन ने पुतिन के इस कदम को बताया बड़ी भूल; रूस ने माल्दोवा की संप्रभुता संबंधी डिक्री रद्द की

Thu, 23 Feb 2023 04:26 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वारसा/चिसिनाकू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वारसा/चिसिनाकू Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 23 Feb 2023 04:26 AM IST
सार

पुतिन के मंगलवार को अमेरिका के साथ परमाणु हथियारों के नियंत्रण के लिए हुई संधि न्यू स्टार्ट को खत्म करने की घोषणा पर बाइडन ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। यूक्रेन पर रूसी हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन पोलैंड दौरे पर हैं। 

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Joe Biden says Putin suspending nuclear arms treaty is big mistake Russia revokes Moldova sovereignty decree
वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, व्लादिमीर पुतिन और जो बाइडन - फोटो : Graphics- Harendra

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेन के साथ अमेरिका और उसके सहयोगी मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार नियंत्रण संधि को निलंबित करके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ी भूल की है। पुतिन के मंगलवार को अमेरिका के साथ परमाणु हथियारों के नियंत्रण के लिए हुई संधि न्यू स्टार्ट को खत्म करने की घोषणा पर बाइडन ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। यूक्रेन पर रूसी हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन पोलैंड दौरे पर हैं। 

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इस बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 2012 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जो आंशिक रूप से ट्रांसनिस्ट्रिया क्षेत्र के भविष्य को हल करने में माल्दोवा की संप्रभुता को रेखांकित करता है। माल्दोवा यूक्रेन में एक मॉस्को समर्थित अलगाववादी क्षेत्र है। डिक्री में माल्दोवा एक घटक के रूप में शामिल था, जिसके तहत रूसी विदेश नीति रेखांकित की गई थी।
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न्यू स्टार्ट संधि क्या है?
तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने प्राग में आठ अप्रैल 2010 को न्यू स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किए थे। यह दुनिया के दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच चल रही अंतिम हथियार संधि है। संधि अमेरिका और रूसी परमाणु भंडार के आकार को सीमित करती है। बता दें, दुनिया के 90 फीसदी परमाणु हथियार इन्हीं दो देशों के पास हैं। 
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यह संधि 2011 में लागू हुई और जो बाइडन के पदभार ग्रहण करने के बाद 2021 में पांच और वर्षों के लिए बढ़ा दी गई। समझौते के तहत, रूस और अमेरिका 1,550 से अधिक सामरिक परमाणु हथियार और अधिकतम 700 लंबी दूरी की मिसाइलों और हमलावरों को तैनात करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रत्येक देश हर साल रणनीतिक परमाणु हथियार केंद्रों के 18 निरीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दूसरे पक्ष ने संधि की सीमा का उल्लंघन नहीं किया है।

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यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की(फाइल) - फोटो : वीडियो ग्रैब

फ्रांस के बाद अब यूक्रेन ने मांगा भारत का समर्थन
रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए एक साल होने में सिर्फ एक दिन शेष है। बुधवार को रूस ने दोनेस्क के बखमुत और अन्य क्षेत्रों में भीषण गोलाबारी बढ़ा दी है। इस बीच यूक्रेन ने शांति पर संयुक्त राष्ट्र में मसौदा प्रस्ताव के लिए भारत का समर्थन मांगा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख एंद्री यरमक ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बात कर नई दिल्ली के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। एक दिन पहले ही फ्रांस की ओर से भी इस मुद्दे पर भारत को समर्थन के लिए मनाने की पहल हुई थी।

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संयुक्त राष्ट्र - फोटो : Social Media

मसौदा प्रस्ताव आज ही पेश होना है
यूएन चार्टर सिद्धांतों के समर्थन पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में मसौदा प्रस्ताव 23 फरवरी को पेश होना है। इसमें यूक्रेन में स्थायी शांति की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। अभी तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र महासभा और मानवाधिकार परिषद में रूस के खिलाफ पेश हुए प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान भारत ज्यादातर अनुपस्थित रहा है।

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फाइल फोटो - फोटो : Twitter/PMO

मोदी-शोल्ज वार्ता के एजेंडे में शीर्ष पर होगा चीन व रूस-यूक्रेन युद्ध
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज की होने वाली बैठक के एजेंडे में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता और रूस-यूक्रेन संघर्ष शीर्ष पर रहेगा। जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने बुधवार को यह बात कही। शोल्ज दो दिन की यात्रा पर शनिवार को भारत पहुंच रहे हैं। एकरमैन ने कहा, भारत के रूस से रियायती दाम पर तेल खरीदने के मुद्दे पर हमारा लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि शोल्ज के दौरे से पहले संयुक्त राष्ट्र में 23 फरवरी को यूक्रेन में शांति के मसौदा प्रस्ताव पर भी जर्मनी भारत से बात कर सकता है।

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