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नौकरी, बेरोजगारी, कर्जा और आपा-धापी दे रही है तनाव
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Fri, 15 Sep 2017 12:20 PM IST
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बढ़ता वायु प्रदूषण, समय पर ऑफिस पहुंचने की चिंता, कर्ज का बढ़ता बोझ, ट्रैफिक जाम की चिल्ल-पों, बढ़ती बेरोजगारी, टार्गेट पूरा करने की चिंता, सार्वजनिक परिवहनों की कमी, महंगाई और बढ़ती असुरक्षा की भावना लोगों को बीमार कर रही है। और इस बीमारी मे अव्वल है दिल्ली वाले क्योंकि ये भागमभाग वाली जिंदगी दिल्ली में रहने वालों को तनाव दे रही है।
ये तनाव सिर्फ दिल्ली के लोगों में नहीं है बल्कि भारत के चारों महानगरों जिसमें मुंबई, बेंगलूरू और कोलकाता भी शामिल हैं। इन शहरों में रहने वाले सबसे ज्यादा तनाव में रहते हैं। दिल्ली 142 अंक लेकर अव्वल है जबकि मुंबई 138 अंक के साथ दूसरे स्थान पर कोलकाता और बेंगलूरू 131 और 130 अंक के साथ तीसरे-चौथे स्थान पर हैं।
पढ़ें: UP: गांवों में दूषित भूजल पर NGT सख्त, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को लगाई फटकार
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अगर आप दिल्ली या देश के महानगरों में अपना भविष्य खोज रहे हैं तो बेहतर हैं कि आप चार बार सोंचे और अपने शहर और गांव में ही भविष्य ढूंढिए। क्राइम और पॉलूशन में अव्वल दिल्ली तनाव देने वाले शहरों में भी अव्वल है। बहरहाल, यह पहली बार नहीं है कि दिल्ली किसी निगेटिव कारणों से चर्चा में हो। पॉलूशन से लेकर क्राइम और रेप सिटी तक दिल्ली को ही कहा जाता रहा है।
इसी विश्व में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां तनाव न के बराबर है जिसमें जर्मनी के स्टटगार्ट, हनोवर,म्युनिख और हम्बर्ग के लोगों को सबसे कम तनावग्रस्त देशों की सूची में शामिल है जहां लोगों को उनकी सुविधा के अनुरूप काम करने की सुविधा और तनाव होने पर छुट्टी का भी प्रावधान दिया जाता है।
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ये तनाव सिर्फ दिल्ली के लोगों में नहीं है बल्कि भारत के चारों महानगरों जिसमें मुंबई, बेंगलूरू और कोलकाता भी शामिल हैं। इन शहरों में रहने वाले सबसे ज्यादा तनाव में रहते हैं। दिल्ली 142 अंक लेकर अव्वल है जबकि मुंबई 138 अंक के साथ दूसरे स्थान पर कोलकाता और बेंगलूरू 131 और 130 अंक के साथ तीसरे-चौथे स्थान पर हैं।
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इसी विश्व में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां तनाव न के बराबर है जिसमें जर्मनी के स्टटगार्ट, हनोवर,म्युनिख और हम्बर्ग के लोगों को सबसे कम तनावग्रस्त देशों की सूची में शामिल है जहां लोगों को उनकी सुविधा के अनुरूप काम करने की सुविधा और तनाव होने पर छुट्टी का भी प्रावधान दिया जाता है।
भारत के चार मुख्य शहरों में रह रहे लोगों का मेंटल स्टेटस बिगड़ चुका है
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सबसे कम और सबसे अधिक तनाव देने वालों पर रिसर्च 2017 में किए गए रिसर्च में 150 देशों को शामिल किया गया। जिसमें हनोवर तीसरे नंबर पर है जबकि म्यूनिख पांचवे और हैमबर्ग और ऑस्ट्रिया का ग्रैज संयुक्त रूप से नौवें नंबर पर है।
यूके की जिपजेट कंपनी ने इस रिसर्च को भले अंजाम दिया हो लेकिन भारत के चार मुख्य शहरों में रह रहे लोगों का मेंटल स्टेटस कितना बिगड़ चुका है ये इस बात से साबित हो जाता है कि वे 24 घंटे तनाव में रह रहे हैं।
तनाव को आधार बनाने के लिए शहरों में रह रहे लोगों के मेंटल हेल्थ के साथ बेरोजगारी, कर्ज में डूबे लोग, ट्रैफिक सहित आम जिंदगी से जुड़ी कई बातों पर सवाल जवाब किए गए। जिसने बीमार मानसिकता की बात को उजागर किया।चौकाने वाली बात ये है कि विश्वभर में मेंटल हेल्थ की समस्या तेजी से बढ़ रही है और यह तनाव का सबसे बड़ा कारण है।
दिल्ली सहित देश के चारों शहरों के सबसे ज्यादा तनावग्रस्त होने की वजह भी यही मेंटल हेल्थ है जब इन सभी शहरों में लोग छोटी-छोटी बातों पर मरने मारने को उतारू हो जाते हैं।
यूके की जिपजेट कंपनी ने इस रिसर्च को भले अंजाम दिया हो लेकिन भारत के चार मुख्य शहरों में रह रहे लोगों का मेंटल स्टेटस कितना बिगड़ चुका है ये इस बात से साबित हो जाता है कि वे 24 घंटे तनाव में रह रहे हैं।
तनाव को आधार बनाने के लिए शहरों में रह रहे लोगों के मेंटल हेल्थ के साथ बेरोजगारी, कर्ज में डूबे लोग, ट्रैफिक सहित आम जिंदगी से जुड़ी कई बातों पर सवाल जवाब किए गए। जिसने बीमार मानसिकता की बात को उजागर किया।चौकाने वाली बात ये है कि विश्वभर में मेंटल हेल्थ की समस्या तेजी से बढ़ रही है और यह तनाव का सबसे बड़ा कारण है।
दिल्ली सहित देश के चारों शहरों के सबसे ज्यादा तनावग्रस्त होने की वजह भी यही मेंटल हेल्थ है जब इन सभी शहरों में लोग छोटी-छोटी बातों पर मरने मारने को उतारू हो जाते हैं।