BPL परिवार के युवकों को प्रशिक्षण देकर नौकरी की गारंटी
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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ग्रामीण इलाकों में रह रहे बीपीएल परिवार के पढ़े-लिखे युवकों को प्रशिक्षण देकर नौकरी देने की योजना तैयार की है। मंत्रालय की ओर से प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। प्रशिक्षण का काम अलग-अलग अस्पतालों की ओर से कराया जाएगा। इस योजना के तहत प्रशिक्षण पाने वाले 70 फीसदी युवाओं को नौकरी देने की गारंटी होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़े-लिखे बीपीएल परिवार के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देकर नौकरी दिलाने की योजना तैयार की गई है।
इसके लिए मंत्रालय की ओर से 27 तरह के पाठ्यक्रम तैयार करने की योजना है। करीब 15 विषयों के पाठ्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से फिलहाल इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के साथ एक समझौता भी किया गया है।
योग्यता के अनुसार कोर्स का चयन होगा
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत दसवीं, 12वीं और स्नातक पास बीपीएल परिवारों के युवाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं की गई है। योग्यता के अनुसार कोर्स का चयन होगा। कोर्स की अवधि तीन माह से एक वर्ष तक रखने की तैयारी है।
मंत्रालय की ओर से पाठ्यक्रम और प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा और उसके अनुसार संबंधित अस्पताल की ओर से आवेदकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए मंत्रालय की ओर से ही जगह मुहैया कराया जाएगा।
प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं को अस्पतालों में अलग-अलग श्रेणियों में नौकरी मिलेगी। जिस अस्पताल की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा उसी अस्पताल के ऊपर नौकरी की जिम्मेदारी होगी। इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय से भी सहयोग लेगा।