JNU Violence: मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया से हटाए गए प्रदर्शनकारी छात्र, आंदोलन किया खत्म
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा के बाद अब तक किसी तरह की गिरफ्तारी न होने पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष और जेएनयू छात्रों ने दिल्ली पुलिस पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया। वहीं मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर रविवार रात से प्रदर्शन चल रहा था, जो अब खत्म हो गया है। वहीं पश्चिम बंगाल के जादवपुर इलाके में रैलियों में लेफ्ट पार्टियां और भाजपा समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस मसले पर बॉलीवुड से भी विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। अभिनेता अनिल कपूर, आलिया भट्ट, राजकुमार राव, अनुराग कश्यप और सोनम कपूर आदि ने हमले को ‘दिल दहला देने वाला’ करार दिया।
लाइव अपडेट
कांग्रेस ने बनाई समिति
आजाद मैदान पर खत्म हुआ प्रदर्शन
एक प्रदर्शनकारी कपिल अग्रवाल ने कहा, 'हमें पुलिस ने जबरन आजाद मैदान शिफ्ट किया। लेकिन अब हमने अपने 'गेटवे ऑफ इंडिया' के विरोध प्रदर्शन को बंद कर दिया है। यह एक सफल प्रदर्शन था। हमारा विरोध जारी रहेगा। हमारे पास कार्यक्रमों की एक लंबी सूची है।'Kapil Agarwal,protester: We were forcibly shifted here to Azad Maidan by Police. But now we have called off our 'occupy Gateway of India' protests, it was a successful protest. Our resistance will continue, we have a long line up of programs. #Mumbai pic.twitter.com/5jiYaLflDI
— ANI (@ANI) January 7, 2020
जेएनयू के बाहर दिखे पुलिसकर्मी
जेएनयू के मेट गेट के बाहर पुलिस कर्मी नजर आए। यहां पांच जनवरी को हुई हिंसा में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।Delhi: Police personnel outside main gate of Jawaharlal Nehru University. Violence had broken out in the campus on January 5 in which more than 30 people were injured. #JNUViolence pic.twitter.com/D4zRYHzRGk
— ANI (@ANI) January 7, 2020
गेटवे से आजाद मैदान शिफ्ट हुआ छात्रों का प्रदर्शन
मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर छात्र रविवार रात से ही जेएनयू हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें आज यहां से हटाकर आजाद मैदान शिफ्ट कर दिया है। पुलिस का कहना है कि उसने प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान किसी को भी हिरासत में नहीं लिया। प्रदर्शनकारियों को इसलिए वहां से शिफ्ट किया गया क्योंकि आझाद मैदान ऐतिहासिक धरोहर है और वहां प्रदर्शन की इजाजत नहीं थी। मुंबई पुलिस के डीसीपी (जोन-1) ने कहा, 'हमने कल रात गेटवे ऑफ इंडिया पर दिखाई दिए फ्री कश्मीर के पोस्टर मामले में स्वत: संज्ञान ले लिया है। हम निश्चित तौर पर इसकी जांच करेंगे।'Sangramsingh Nishandar, DCP (Zone 1): We have taken serious cognizance of the 'free Kashmir' poster seen in the protest last night at Gateway of India.We are definitely investigating it. #Mumbai pic.twitter.com/ldtmO0J2lM
— ANI (@ANI) January 7, 2020
जेएनयू हिंसा मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अभी मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है जिसने कुछ अहम सुराग मिलने का दावा किया है। अब तक किसी तरह की गिरफ्तारी न होने पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष और जेएनयू छात्रों ने दिल्ली पुलिस पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।पश्चिम बंगाल में छात्रों ने निकाली रैली
पश्चिम बंगाल में कई छात्र संगठनों ने जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के खिलाफ कोलकाता में रैली निकाली। जिसमें कलकत्ता, प्रेसिडेंसी और जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र शामिल थे। सभी ने रैली में पोस्टर और प्लेकार्ड लेकर शामिल हुए और घटना की निंदा करते हुए जिम्मेदार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।DC Jadavpur, Sudip Sarkar: While we were chasing BJP workers some Jadavpur University (JU) students entered the mob. We could not differentiate the JU students from BJP workers who were burning tyres. We did not lathicharge JU students. #WestBengal https://t.co/cWsHqtSZ6Q pic.twitter.com/GhKPZildCt
— ANI (@ANI) January 6, 2020
JNU Violence: मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया से हटाए गए प्रदर्शनकारी छात्र, आंदोलन किया खत्म
भाजपा, वाम समर्थक आमने-सामने आए, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
यादवपुर इलाके में सोमवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हुए हमले को लेकर हुई रैलियों में वाम दल और भाजपा समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जेएनयू हमले और रविवार रात इलाके में पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ को लेकर भाजपा द्वारा बाघा जतिन मोड़ से यादवपुर पुलिस थाने तक एक विरोध मार्च निकाला गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को शांत करने के लिए तमाम प्रयासों के विफल होने पर रैली में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।