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जेएनयू हिंसा मामला: अदालत ने कहा, कोरोना के कारण केवल बहुत जरूरी मामलों पर ही संज्ञान लिया जाएगा
Wed, 20 May 2020 06:18 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Wed, 20 May 2020 06:18 PM IST
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दिल्ली की एक अदालत ने पांच जनवरी को जेएनयू परिसर में छात्रों और शिक्षकों पर हमले से संबंधित एक मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया और कहा कि कोविड-19 महामारी के कराण उत्पन्न स्थिति में केवल बहुत जरूरी मामलों पर ही सुनवाई की जाएगी।
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अदालत पांच जनवरी को परिसर के अंदर नकाबपोश लोगों द्वारा हमले में घायल हुई सुचारिता सेन की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हमले के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन को लेकर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।
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उन्होंने कहा, 'आवेदन की समय से पहले सुनवाई करने के लिए शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए कारण उपयुक्त नहीं थे। इसके अलावा कोविड -19 महामारी की वजह से उत्पन्न वर्तमान स्थिति में अदालतों को केवल अत्यावश्यक मामलों पर ही संज्ञान लेना है।
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अदालत ने मंगलवार को कहा, 'यह अदालत की समझ से परे है कि पहले से ही लंबित आवेदन की समय से पहले सुनवाई नहीं करने से शिकायतकर्ता को क्या परेशानी हो सकती है।'
ड्यूटी मजिस्ट्रेट वसुंधरा छौंकर ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर ध्यान देते हुए आदेश दिया कि जेएनयू परिसर में हुई हिंसा को लेकर पहले से ही दर्ज एफआईआर की जांच जारी है और दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले ही जांच एजेंसी को जांच में तेजी लाने निर्देश दिया है।