फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   JNU VC m jagadesh kumar has good academic record, but weak in Administration

शानदार एकेडमिक करियर वाले हैं JNU VC एम जगदीश, लेकिन प्रशासनिक क्षमता पर उठे सवाल!

Fri, 10 Jan 2020 12:06 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 10 Jan 2020 12:06 PM IST
विज्ञापन
JNU VC m jagadesh kumar has good academic record, but weak in Administration
जेएनयू वीसी - फोटो : सोशल मीडिया
जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार अक्तूबर में फीस वृद्धि को लेकर शुरू हुए छात्र आंदोलन और इसके भड़कने में अकेले अपनी गलती नहीं मानते। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पिछले सचिव सुब्रमण्यम ने जब उन्हें सख्त हिदायत दी, तो अगले दिन उनका तबादला हो गया। सूत्रों की मानें तो वर्तमान सचिव अमित खरे पूरी मेहनत से मामले को सुलझाने में लगे हैं।
विज्ञापन


आज उन्होंने विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष आईसी घोष समेत आठ छात्रों के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की है। इस दौरान पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री, भाजपा के संस्थापकों में एक डा., मुरली मनोहर जोशी ने भी जगदीश कुमार को पद से हटाने का सुझाव दे दिया है।

विज्ञापन

शानदार एकेडमिक करियर

एम जगदीश कुमार ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथारिटी ऑफ इंडिया) और यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के सदस्य रहे हैं। प्रो. कुमार जेएनयू के कुलपति हैं। नैनो इलेक्ट्रानिक डिवाइसेस, नैनो स्केल डिवाइस माडलिंग एंड सिमुलेशन, पॉवर सेमीकंडक्टर डिवाइस के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ के तौर पर जाने जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


इस क्षेत्र में उन्होंने 200 से अधिक शोध पत्र, तमाम लेख, करीब चार किताबें अदि लिखी हैं। इलेक्ट्रानिक डिवाइस के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रो. कुमार को करीब आधा दर्जन अवार्ड भी मिले हैं।

मद्रास आईआईटी के एलुमनी 

तेलंगाना राज्य के नलगोंडा जिले के मामीडाला गांव में पैदा हुए जगदीश कुमार के पिता प्राइमरी के शिक्षक थे, लेकिन प्रो. कुमार ने मेधा के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी ऊंचाई छू ली है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एमएससी और पीएचडी कर चुके प्रोफेसर मामीडाला जगदीश कुमार आईआईटी, दिल्ली में 1997 में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर आए थे। जनवरी 2005 में वह प्रोफेसर बने।

इससे पहले वह आईआईटी खड़गपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में तैनात थे। प्रोफेसर कुमार मद्रास आईआईटी के एलुमनी हैं। के.एन भट्ट के प्रिय शिष्यों में एक प्रोफेसर. अपने गुरु को अपनी सफलता का एक बड़ा श्रेय देते हैं।
 

प्रो. कुमार एक नैनो इलेक्ट्रानिक डिवाइस के ज्ञानी होने के साथ-साथ प्रतिष्ठित पत्रिका साइंटिफिक रिपोटर्स के संपादक मंडल में हैं। इलेक्ट्रानिक डिवाइसेज सोसाइटी की पत्रिका जेईईई के 2006-2015 तक संपादक (अमेरिका के इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग इंट्सीट्यूट से प्रकाशित) रहे हैं।

इसके अलावा प्रो. कुमार ने अपनी क्षेत्र की तमाम अन्य पत्र-पत्रिकाओं में शोध प्रपत्र, संपादन, प्रधान संपादक की भूमिका निभाई है।

बने कुलपति और प्रशासन पर उठा सवाल

प्रो. एम जगदीश जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति बने। इसमें उनकी मेधा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन प्रशासनिक मामलों में वह कोई ख्याति नहीं अर्जित सके। अक्टूबर से जेएनयू के छात्र फीस वृद्धि को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

दो से अधिक बार एचआरडी मंत्रालय ने भी कुलपति से छात्रों से बात करने के लिए सुझाव दिया। निर्देश भी दिया। लेकिन सूत्र बताते हैं कुलपति के रवैये के कारण मामला पेचीदा होता चला गया।



यहां तक विश्वविद्यालय में हिंसात्मक हमले तक हुए और जिसके बाद से कुलपति की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में कुलपति का मानना है कि पूरे प्रकरण में केवल उनकी ही गलती नहीं है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed