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Hindi News ›   India News ›   JK Sharma, Parminder rai and Rina Mitra is in race for chair of CBI Chief

सीबीआई प्रमुख की दौड़ में जेके शर्मा, परमिंदर राय, रीना मित्रा भी शामिल

Mon, 21 Jan 2019 04:04 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Mon, 21 Jan 2019 04:04 AM IST
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JK Sharma, Parminder rai and Rina Mitra is in race for chair of CBI Chief

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति सीबीआई प्रमुख पर बृहस्पतिवार को बैठक करेगी। इसमें इस पद के लिए संभावित नामों पर चर्चा होगी। समिति में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे। सीबीआई प्रमुख के लिए जिन नामों पर चर्चा होगी उनमें 1982 बैच के आईपीएस अधिकारियों जेके शर्मा और परमिंदर राय के भी नाम शामिल हैं।

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अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा कैडर के राय इस साल 31 जनवरी को अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इस समय वह हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो में डायरेक्टर जनरल हैं। गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) रीना मित्रा भी दौड़ में शामिल हैं। वह 1983 बैच की अधिकारी हैं। वह सीबीआई में पांच साल काम भी कर चुकी हैं। 
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मध्य प्रदेश राज्य विजिलेंस ब्यूरो में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों को संभाला है। इसके अलावा वह वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की भी प्रमुख रही हैं। यह संस्था संगठित वाइल्डलाइफ अपराध से निपटने का काम करती है। अगर मित्रा को चुना जाता है तो वह सीबीआई की पहली महिला प्रमुख होंगी। 

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यूपी कैडर के जावीद अहमद भी

इसके अलावा उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी जावीद अहमद का भी नाम चल रहा है। वह वर्तमान में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्राइमोलॉजी एंड फोरेसिंक साइंसेज के प्रमुख हैं। वह सीबीआई में 13 साल तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 1994 से 2002 के दौरान वह एसपी से डीआईजी तक पहुंचे और 2009-14 तक संयुक्त निदेशक रहे। 

उन्हें सीबीआई में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत इसलिए नहीं किया गया क्योंकि तत्कालीन गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने आईपीएस अधिकारियों के 1984 बैच की पैनल फाइल को मंजूरी नहीं दी थी। अहमद यूपी में डीजीपी के पद पर भी तैनात रहे हैं। उन्होंने यूपी 100, महिलाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन और पुलिस की ट्विटर पर मौजूदगी जैसे कदम उठाए थे। 

इन नामों की भी चर्चा

राजस्थान के पूर्व डीजीपी ओपी गल्होत्रा भी 11 साल तक सीबीआई में रह चुके हैं। वह 1996 से 2002 तक एसपी और 2008 से 15 तक संयुक्त निदेशक रहे थे। इसके अलावा गल्होत्रा के बैच में साथी रहे और यूपी कैडर के एचसी अवस्थी भी दौड़ में शामिल हैं। इसके अलावा असम-मेघालय कैडर के वाईसी मोदी, सीआईएसएफ के डायरेक्टर जनरल राजेश रंजन, आईटीबीपी के डीजी एसएस देशवाल, यूपी कैडर के 1985 बैच के अरुण कुमार, केरल कैडर के लोकनाथ बेहेरा, ऋषि राज सिंह, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनाइक के नाम भी छांटे गए हैं।   

आलोक वर्मा को हटाने से खाली है पद

सीबीआई प्रमुख का पद आलोक वर्मा को पद से हटाए जाने के बाद से खाली है। विवादों के चलते 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी को 10 जनवरी को सीबीआई से हटाकर दूसरे विभाग में भेजा गया था। 

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