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Government: झारखंड के टेराकोटा मंदिर को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने पर विचार, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी
Mon, 05 Feb 2024 06:24 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 05 Feb 2024 06:24 PM IST
सार
जी किशन रेड्डी ने बताया कि एएसआई ने भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियोइंफॉर्मेटिक्स के साथ तकनीकी सहयोग से सितंबर में 'इंडियन हेरिटेज' नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया था।
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जी किशन रेड्डी
- फोटो : Social Media
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विस्तार
केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि झारखंड के गुमला जिले में एक टेराकोटा मंदिर वाले सांस्कृतिक स्थल को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने पर विचार किया जा रहा है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में लिखित में इसकी जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 3,697 प्राचीन स्मारक और सांस्कृतिक स्थल हैं जो राष्ट्रीय महत्व के हैं और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन हैं। केंद्रीय मंत्री से ऐसे ही अन्य स्थलों को राष्ट्रीय स्मारक के तौर पर शामिल करने की योजना पर सवाल किया गया। उन्होंने जवाब दिया, 'झारखंड के गुमला जिले के डोइसा नगर में ईंटों के मंदिर टेराकोटा को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के लिए पहचाना गया है। हालांकि, शाहपुर किला को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।'
मंत्री ने सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण पर हुए खर्च का डेटा साझा किया
मंत्री ने पिछले वर्षों में इन स्थलों के संरक्षण पर हुए खर्च का डेटा भी जारी किया। 2018-19 में 0.89 करोड़ रुपये का खर्च हुआ था। वहीं 2020-21 में 0.88 करोड़ रुपये का खर्च हुआ था। साल 2022 से 2034 में खर्च का आंकड़ा दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इसी के साथ उन्होंने पिछले पांच वर्षों में बिहार में सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और रखरखाव पर खर्च का डेटा भी साझा किया। साल 2018 से 2019 तक 1.76 करोड़ रुपये खर्च किया गया था। वहीं 2020-21 में खर्च का आंकड़ा 1.23 करोड़ रुपये था। साल 2022-23 में नौ करोड़ का खर्च हुआ था।
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जी किशन रेड्डी ने बताया कि एएसआई ने भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियोइंफॉर्मेटिक्स के साथ तकनीकी सहयोग से सितंबर में 'इंडियन हेरिटेज' नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया था। उन्होंने बताया कि पाठ्य सामग्री के साथ संरक्षित स्मारकों और क्षेत्रों की जानकारी शामिल है और इंटरैक्टिव डिजिटल मानचित्रों द्वारा सहायता प्राप्त है।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में 3,697 प्राचीन स्मारक और सांस्कृतिक स्थल हैं जो राष्ट्रीय महत्व के हैं और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन हैं। केंद्रीय मंत्री से ऐसे ही अन्य स्थलों को राष्ट्रीय स्मारक के तौर पर शामिल करने की योजना पर सवाल किया गया। उन्होंने जवाब दिया, 'झारखंड के गुमला जिले के डोइसा नगर में ईंटों के मंदिर टेराकोटा को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के लिए पहचाना गया है। हालांकि, शाहपुर किला को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।'
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मंत्री ने सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण पर हुए खर्च का डेटा साझा किया
मंत्री ने पिछले वर्षों में इन स्थलों के संरक्षण पर हुए खर्च का डेटा भी जारी किया। 2018-19 में 0.89 करोड़ रुपये का खर्च हुआ था। वहीं 2020-21 में 0.88 करोड़ रुपये का खर्च हुआ था। साल 2022 से 2034 में खर्च का आंकड़ा दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इसी के साथ उन्होंने पिछले पांच वर्षों में बिहार में सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और रखरखाव पर खर्च का डेटा भी साझा किया। साल 2018 से 2019 तक 1.76 करोड़ रुपये खर्च किया गया था। वहीं 2020-21 में खर्च का आंकड़ा 1.23 करोड़ रुपये था। साल 2022-23 में नौ करोड़ का खर्च हुआ था।
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जी किशन रेड्डी ने बताया कि एएसआई ने भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियोइंफॉर्मेटिक्स के साथ तकनीकी सहयोग से सितंबर में 'इंडियन हेरिटेज' नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया था। उन्होंने बताया कि पाठ्य सामग्री के साथ संरक्षित स्मारकों और क्षेत्रों की जानकारी शामिल है और इंटरैक्टिव डिजिटल मानचित्रों द्वारा सहायता प्राप्त है।