Jharkhand: दूसरे राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच झारखंड अलर्ट, स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की
Jharkhand: राज्य के एनएचएम के निदेशक आलोक त्रिवेदी ने बताया कि कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही ऑक्सीजन संयंत्रों के कामकाज का मॉक ड्रिल किया है ।
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झारखंड कोरोना मामलों में किसी भी तेजी से निपटने के लिए तैयार है। हालांकि स्थिति अभी नियंत्रण में है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने शनिवार को यह बात कही।
अधिकारी ने बताया कि 18 दिसंबर को जमशेदपुर के एक अस्पताल में दो मामले सामने आने के बाद से राज्य में कोरोना वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
ऑक्सीजन संयंत्रों के कामकाज का किया मॉक ड्रिल
राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक आलोक त्रिवेदी ने कहा, कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही ऑक्सीजन संयंत्रों के कामकाज का मॉक ड्रिल किया है और केंद्र के निर्देशों के मुताबिक ऑक्सीजन सपोर्ट, गैर-ऑक्सीजन सपोर्ट और आईसीयू में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या की समीक्षा की है।
देश में एक दिन में कोरोना के 752 मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार को अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 752 मामले सामने आए, जो इस साल 21 मई के बाद से सबसे अधिक है। जबकि सक्रिय मामले बढ़कर 3,420 हो गए हैं।
'जहां भी जरूरत हो, एहतियाती कदम उठाएं'
उन्होंने कहा,'झारखंड में पिछले कुछ दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। जमशेदपुर के एक अस्पताल में केवल दो सक्रिय मामले हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। हमने लोगों से आग्रह किया है कि जहां भी जरूरत हो, एहतियाती कदम उठाएं।'
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 21,680 बेड उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 21,680 बेड उपलब्ध हैं। जिनमें 11,356 ऑक्सीजन सपोर्ट, 5,276 ऑक्सीजन सपोर्ट के बिना, 1,447 आईसीयू बेड और 1,456 वेंटिलेटर बेड शामिल हैं। इसके अलावा, 93 सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 122 प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्पशन (पीएसए) ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले संयंत्र स्थापित किए गए हैं।