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मुजफ्फरपुर कांड: विपक्षी एकजुटता पर जदयू का निशाना, कहा- 'बच्चियां तो बहाना हैं, 2019 निशाना है'
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 05 Aug 2018 04:25 PM IST
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- फोटो : ANI
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जनता दल (यू) ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले पर राजद, कांग्रेस पर राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोप लगाया। जद(यू) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा 'बच्चियां तो बहाना हैं, 2019 निशाना है'। जद(यू) ने कहा कि राहुल गांधी, सीताराम येचुरी समेत तमाम नेता बेबस, लाचार और प्रताड़ित बच्चियों के नाम पर 'फ्रैंडशिप डे' मना रहे हैं, जो अशोभनीय है।
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जद(यू) प्रवक्ता केसी त्यागी ने रविवार को पार्टी दफ्तर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह केस मामले में शनिवार को जंतर-मंतर पर राजद, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने जो फ्रेंडशिप डे मनाया था, वह घोऱ निंदनीय है। त्यागी ने विपक्ष की मुहिम पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चियां तो बहाना हैं, 2019 निशाना है। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले पर शर्मिंदगी जाहिर की थी, लेकिन विपक्ष लाचार, बेबेस और प्रताड़ित बच्चियों के नाम पर घटिया राजनीति करने में जुटा है।
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे उन लोगों के साथ मंच साझा कर रहे थे, जो बिहार को आदिम युग में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनपर कांग्रेस को तोड़ने का आरोप है। वहीं, सीताराम येचुरी और डी राजा को लानत भेजते हुए उन्होंने कहा कि वे उनके साथ मंच साझा कर रहे थे, जो जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह की हत्या के जिम्मेदार हैं और राजद के सांसद ने दिनदहाड़े उनका कत्ल करवाया था। उन्होंने कहा कि सीपीएम के पूर्णिया के विधायक अजीत सरकार की हत्या भी लालू के मुख्यमंत्री रहते ही हुई थी।
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वहीं जद(यू) प्रवक्ता ने केजरीवाल को भी निशाने पर लेते पर कहा कि शनिवार को हुआ मिलन अंतरविरोधों और द्वेष से भरा हुआ था। केजरीवाल और तेजस्वी दोनों एक दूसरे से आंखें चुरा रहे थे, लेकिन नीतीश और मोदी के इस्तीफे पर दोनों एकदूसरे के साथ थे। उन्होंने शनिवार के मिलन को दिलजलों और वोटरों के सौदागरों का फ्रेंडशिप डे बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार किसी कीमत पर इस्तीफा नहीं देंगे। उन्हें जनता ने चुना है, और 2020 में जिसमें हिम्मत हो और ताकत हो उन्हें सत्ता से बाहर करके दिखा दे।
त्यागी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिहार सरकार की एक भी नाकामयाबी बताने में नाकामयाब रहे। विपक्ष चाहता था कि मामले की सीबीआई जांच हो, लेकिन बृजेश ठाकुर समेत 12 अभियुक्तों के पकड़े जाने के बावजूद सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए।
उन्होंने तेजस्वी के उस बयान की भी निंदा की, जिसमें तेजस्वी ने बयान दिया था कि जद(यू) बच्चियों को भी गायब करा सकता है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी झूठ बोल रहे हैं कि एफआईआर में ब्रजेश ठाकुर का नाम नहीं है। वहीं मीसा भारती को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि वह कहती हैं कि उन्हें सीबीआई जांच पर भरोसा नहीं है, तो फिर किस आधार पर समूचे विपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग की।
जद(यू) प्रवक्ता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए मामले पर राज्य और दूसरी एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। खुद नीतीश कुमार ने भी पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिख कर उनकी मॉनिटरिंग में जांच करने को कहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि देशभर के सभी बालगृहों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो। उन्होंने राज्य की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उन पर या उनके पति पर अगर कोई आरोप सामने आते है, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।