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Karnataka Hijab Row: कर्नाटक हिजाब विवाद पर बोले जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष, क्या घूंघट PFI की साजिश है?
Tue, 20 Sep 2022 05:54 PM IST
Jeet Kumar
एएनआई, बेंगलुरु
एएनआई, बेंगलुरु
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 20 Sep 2022 05:54 PM IST
सार
कर्नाटक में हिजाब विवाद पर सीएम इब्राहिम ने कहा कि पल्लू से सिर ढकना भारत की संस्कृति है भारत का इतिहास है। यह भारत के संस्कार हैं।
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जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष सीएम इब्राहिम
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक में हिजाब विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। कर्नाटक सरकार ने कहा है कि राज्य के स्कूल-कॉलेजों में मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने के विवाद के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का हाथ है। वहीं इस मामले पर जनता दल (सेक्युलर) के कर्नाटक प्रमुख सीएम इब्राहिम का बयान आया है।
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उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पल्लू पहनती थीं, यहां तक कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी पल्लू पहनती हैं, यह भारत की संस्कृति है। क्या वह घूंघट पीएफआई की साजिश है? हिजाब हो या पल्लू, एक ही है। सीएम इब्राहिम ने कहा कि पल्लू से सिर ढकना भारत की संस्कृति है भारत का इतिहास है। यह भारत के संस्कार हैं।
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ये है पूरा विवाद
कर्नाटक में हिजाब पर विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक सरकारी स्कूल में कुछ छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में जाने पर रोक लगा दी गई थी। इसे लेकर देश के कई हिस्सों में काफी प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान आठ फरवरी को मांड्या में पीईएस कॉलेज के अंदर छात्रों ने भी प्रवेश किया था और नारेबाजी की थी। इसके बाद यह विवाद और बढ़ गया। जय श्री राम के नारे लगाती भीड़ के सामने 19 साल की मुस्कान खान ने अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए थे। इसके बाद मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा और हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि हिजाब इस्लाम धर्म का अभिन्न अंग नहीं है, इसलिए राज्य सरकार को इसे स्कूलों के अंदर यूनिफॉर्म का हिस्सा बनाने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। इसी फैसले के खिलाफ कई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।