मॉब लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाकर फंसे जयंत सिन्हा, कहा- कानून के दायरे में रहकर किया काम
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पिछले साल झारखंड के रामगढ़ में एक मीट व्यापारी की पीट-पीटकर भीड़ ने बीफ ले जाने के शक में हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनकी आजीवन कारावास की सजा पर रांची हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस फैसले से खुश हुए आरोपी जिसमें भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल है, जय प्रकाश नारायण जेल से निकलकर सीधे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के घर पहुंचे। मंत्री ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
मंत्री द्वारा आरोपियों को माला पहनाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। जिसके बाद सफाई देते हुए सिन्हा ने कहा, 'मेरा न्यायिक व्यवस्था और कानून में पूरा विश्वास है। दुर्भाग्य से, मेरे कार्यों के बारे में गैर जिम्मेदार बयान दिए जा रहे हैं जबकि मैं कानून के दायरे में रहकर काम कर रहा हूं। जो निर्दोष हैं वह बच जाएंगे और जो दोषी हैं उन्हें कानून के हिसाब से सजा दी जाएगी। रामगढ़ मॉब लिंचिंग मामले में रांची हाईकोर्ट जोकि इस मामले की सुनवाई कर रही है। उसने आरोपियों की सजा पर रोक लगा दी है और उनके केस की सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दी है। केस को दोबारा सुना जाएगा।'
सिन्हा ने कहा, 'मैंने अपने कदम को लेकर सफाई दे दी है। आरोपी को सजा मिलनी चाहिए। मैं एक जनता का प्रतिनिधि हूं और एक मंत्री हूं। मैंने कानून को बचाने की कसम खाई है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। जब इन लोगों को जमानत मिली तो यह मेरे घर आए। मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। भविष्य में भी कानून को अपना काम करने दीजिए। आरोपियों को सजा दी जाएगी और निर्दोष रिहा हो जाएंगे।'
मंत्री के इस कदम पर भड़के झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि यह बहुत संवेदनशील मामला है और सिन्हा को केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने ट्विटर पर मंत्री की फोटो शेयर करते हुए लिखा- 'यह पूरी तरह से निंदनीय है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी तुम्हारा पूर्व छात्र जयंत सिन्हा भारत में गाय का मीट ले जाने के आरोप में मारे जाने वाले शख्स के आरोपियों को बधाई दे रहे हैं। क्या हार्वर्ड इसके साथ है?'
बता दें कि 40 साल के अलीमुद्दीन अंसारी को रामगढ़ शहर के टंड इलाके में स्थित बाजार में 29 जून 2017 को भीड़ ने कार में बीफ ले जाने के शक में पीट-पीटकर मार डाला था। बाद में हुई फोरेंसिक जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई की कार में रखा मीट बीफ ही था। इस साल मार्च में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 लोगों को इस घटना में आरोपी माना था। हालांकि पिछले हफ्ते झारखंड हाईकोर्ट ने भाजपा कार्यकर्ता सहित 8 लोगों की सजा पर रोक लगा दी थी।
This is truly despicable. @Harvard Your alumnus @jayantsinha felicitating the accused in cow related lynching death in India. Is this what @Harvard stands for? https://t.co/DJh8XRtoXl
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 6, 2018
When these people got bail, they came to my house, I wished them well. Let law take its own course in the future, the accused will be punished and those innocent will be set free: Union Minister Jayant Sinha pic.twitter.com/nPNKh6Gpv3
— ANI (@ANI) July 7, 2018