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Hindi News ›   India News ›   Japanese Foreign Minister Yoshimasa Hayashi arrives in Delhi on a two-day visit

India-Japan: जापानी विदेश मंत्री हयाशी की दो दिवसीय यात्रा, जयशंकर ने भारत-प्रशांत सहित इन मुद्दों पर की बात

Thu, 27 Jul 2023 09:18 PM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 27 Jul 2023 09:18 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपने जापानी समकक्ष योशिमासा हयाशी के साथ व्यापक बातचीत की। बातचीत के मुद्दों में भारत-प्रशांत सहित द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण विस्तार को शामिल किया गया। 

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Japanese Foreign Minister Yoshimasa Hayashi arrives in Delhi on a two-day visit
जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी और एस जयशंकर। - फोटो : Twitter@DrSJaishankar

विस्तार

जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा, आज आयोजित होने वाली 15वीं भारत-जापान मंत्रिस्तरीय रणनीतिक वार्ता के लिए जापान के विदेश मंत्री हयाशी का भारत में हार्दिक स्वागत है। भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा एजेंडे में शामिल है।

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विदेश मंत्री जयशंकर ने जापानी समकक्ष योशिमासा हयाशी के साथ की बातचीत 
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपने जापानी समकक्ष योशिमासा हयाशी के साथ व्यापक बातचीत की, जिसमें भारत-प्रशांत सहित द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण विस्तार को शामिल किया गया। भारत-जापान रणनीतिक संबंधों की समीक्षा करने और उन्हें मजबूत करने के उद्देश्य से हयाशी के दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचने के कुछ घंटे बाद यह वार्ता हुई। पिछले पांच महीनों में हयाशी की यह दूसरी भारत यात्रा है। बताया गया कि दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया।

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वार्ता के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी के साथ 15वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में उत्साहपूर्ण व्यापक चर्चा हुई। हमारी बातचीत में राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा, आर्थिक और वाणिज्यिक, कनेक्टिविटी, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ाना शामिल था। हमारा घनिष्ठ संबंध पूर्वी एशिया और आसियान से लेकर दक्षिण एशिया और पूर्वी अफ्रीका तक कई गतिविधियों और प्रतिबद्धताओं में दिखाई देता है। क्वाड, ईएएस (EAS) और संयुक्त राष्ट्र (UN) में हमारे साझा प्रयास भी हमारे नेतृत्व के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। आतंकवाद-निरोध और परमाणु प्रसार निरोध पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इंडो-पैसिफिक और जी20 पर भी दृष्टिकोण साझा किया।

कल भारत-जापान फोरम में लेंगे हिस्सा
विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में गुरुवार को कहा गया कि शुक्रवार को योशिमासा हयाशी नई दिल्ली के इंपीरियल होटल में भारत-जापान फोरम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह शुक्रवार देर शाम अपने देश के लिए रवाना हो जाएंगे।

इससे पहले जापानी मीडिया ने बताया कि योशिमासा वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) कहे जाने वाले देशों के समूह के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए दक्षिण-पश्चिम एशिया और अफ्रीका की अपनी यात्रा के हिस्से के रूप में भारत की यात्रा कर रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में टोक्यो में पत्रकारों से बात करते हुए योशिमासा ने कहा था कि वह चार अगस्त तक भारत, श्रीलंका, मालदीव, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा और इथियोपिया का दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, उनकी उन देशों के विदेश मंत्रियों और अन्य वरिष्ठों अधिकारियों के साथ बैठक करने की योजना है। इस दौरान  योशिमासा ने ग्लोबल साउथ के विचारों को सुनने और समूह की जरूरतों पर प्रतिक्रिया देने के महत्व पर प्रकाश डाला। हयाशी ने इस साल मार्च में क्वाड विदेश मंत्री की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली का दौरा किया था।

जापानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, योशिमासा की यात्रा जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को साकार करने और कानून के शासन के आधार पर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने के प्रयास का हिस्सा है। इस साल मार्च में दिल्ली में बोलते हुए किशिदा ने इस बात पर जोर दिया था कि टोक्यो की स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक योजना में भारत परम आवश्यक साझेदार है।


इस साल मई की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिरोशिमा में अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत और जापान के बीच संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की थी। दोनों नेताओं ने पृथ्वी को बेहतर बनाने की दिशा में भारत की जी020 प्रेसीडेंसी और जापान की जी-7 प्रेसीडेंसी के फोकस क्षेत्रों पर भी चर्चा की थी। बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर भी चर्चा की थी। नेताओं ने द्विपक्षीय विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर सहमति व्यक्त की थी।

बता दें कि भारत और जापान ने 1952 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता (क्यूएसडी) का हिस्सा हैं, जिसे आमतौर पर क्वाड के रूप में जाना जाता है।

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