चीन जैसे स्मॉग टावर से दिल्ली भी हो सकती है प्रदूषण मुक्त, इस नवगठित राजनीतिक दल ने बनाया प्लान
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दिल्ली के चारों तरफ एक किमी चौड़ा जंगल
'जनता ब्रिगेड पार्टी', जो कि दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है, उसने अपने घोषणा पत्र में प्रदूषण को लेकर न केवल बातचीत की है, बल्कि उसे सालभर कम कैसे किया जा सकता है, इस बारे में सुझाव और उपकरण, दोनों का जिक्र किया है। अगर राष्ट्रीय राजधानी के चारों तरफ एक किमी चौड़ा जंगल और 53 स्मॉग टावर बना दिए जाएं तो दिल्ली को प्रदूषण मुक्त किया जा सकता है।
दिल्ली की 70 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
बता दें कि पिछले दिनों 'जनता ब्रिगेड पार्टी' का गठन हुआ था। यह पार्टी आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सभी सीटों पर पूर्व सैनिकों और शहीदों की विधवाओं को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। जनता ब्रिगेड पार्टी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ-साथ देश में सकारात्मक राजनीति को बढ़ावा देना है। पार्टी की कोर कमेटी के सदस्य तमल सान्याल, जिन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र तैयार करने में प्रमुख योगदान दिया है।
उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने घोषणा पत्र में लिखा है कि दिल्ली के चारों तरफ एक किमी चौडा जंगल बनाया जाए।
रेगिस्तान जैसा हो जाएगा अरावली क्षेत्र
सान्याल के मुताबिक इसे रिंग फोरेस्ट भी कहा जा सकता है। दिल्ली के आसपास का अरावली क्षेत्र अब धीरे-धीरे बंजर होता जा रहा है। यहां इतने बड़े पैमाने पर माइनिंग हो रही है कि ये हराभरा इलाका बहुत जल्द रेगिस्तान की तरह हो जाएगा। सरकारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। मनमर्जी तरीके से माइनिंग के लाइसेंस और फार्म हाउस बनाने के लिए मंजूरी दी जा रही है। सान्याल के मुताबिक नियमों को ताक पर रख कर कमर्शियल लैंड यूज (सीएलयू) सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। इसके चलते यहां पर जंगल खत्म हो गए हैं।
बाहरी दिल्ली के चारों ओर एक किलोमीटर चौड़ा या उससे कम ज्यादा क्षेत्र वाला जंगल बनाया जा सकता है। इसके लिए केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति होनी जरुरी है। रिंग फोरेस्ट और स्मॉग टावर की इस योजना पर काम किया जाए तो दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के आसपास रह सकता है।
टावर से 10 किमी के दायरे की हवा होगी शुद्ध
तमल सान्याल ने खुलासा किया है कि दिल्ली में शुद्ध हवा के लिए 53 स्मॉग टावर की जरुरत है। ये स्मॉग टावर अलग-अलग क्षमता वाले होंगे, जैसे चीन में जिन टावर का इस्तेमाल किया जाता है, उनकी लंबाई 50 से सौ मीटर तक होती है। ये टावर दस किलोमीटर के दायरे में हवा को शुद्ध कर देते हैं। अगर दिल्ली की बात करें तो यहां 53 छोटे स्मॉग टावर लगाने होंगे। यह टावर करीब तीन किलोमीटर के क्षेत्र की हवा को साफ कर सकता है।
40 फीट लंबे और 20 फीट चौड़े ये टावर प्रतिदिन 32 मिलियन क्यूबिक मीटर हवा को साफ करने की क्षमता रखते हैं। तीन किलोमीटर के दायरे में स्वच्छ हवा मिलने का लाभ 75,000 लोगों को मिलेगा। टावर में लगे शोधक सभी कोणों से हवा ग्रहण करेंगे और बदले में प्रति घंटे 13,00,000 घन मीटर स्वच्छ हवा बाहर फेकेंगे।
सौर ऊर्जा पर काम करते हैं टावर
टावर में लगे क्लीनर 99.99 प्रतिशत प्रदूषकों को साफ करने के लिए नौ चरणों में भौतिक फिल्टर के जरिए काम करते हैं। ये फिल्टर पार्टिकुलेट मैटर 10 और ऊपर के कणों को हटा देते हैं। एच 14 ग्रेड वाले फिल्टर (अत्यधिक प्रभावी पार्टिकुलेट एरेस्टेंस) पीएम 2.5 कण (छोटे कण) को 99.99 प्रतिशत तक साफ करने में सक्षम होते हैं। खास बात है कि ये टावर यानी वायु-शोधक इलेक्ट्रिक ग्रिड सौर ऊर्जा पर भी काम करते हैं।
चीन के शियान शहर में लगे स्मॉग टावर को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा सकता है। ये टावर 10 मिलियन क्यूबिक मीटर हवा को सफलतापूर्वक साफ करने में सक्षम हैं। छोटे टावर को सिटी क्लीनर भी कहा जाता है।
सिटी क्लीनर हैं बेहतर
यदि जियान स्मॉग टावर और सिटी क्लीनर के अंतर की बात करें तो सिटी क्लीनर चीन के स्मॉग टॉवर से काफी बेहतर है। चीन का शियान स्मॉग टावर हवा को साफ करने के लिए ऑयनाइजेशन तकनीक का उपयोग करता है। इसमें हवा का आयनीकरण प्रदूषकों को पूरी तरह नहीं मिटाता है, लेकिन वह ऑक्सीजन से प्रदूषकों को अलग कर देता है। यह समस्या का पर्याप्त समाधान नहीं है। सिटी क्लीनर में हवा का आयनीकरण पूरी तरह प्रदूषकों को खत्म करता है। हमारे देश में ऐसे एक टावर की अनुमानित लागत डेढ़ से दो करोड़ रुपये के बीच है।