Jammu Kashmir: पाकिस्तान का खतरनाक प्लान, G20 बैठक से पहले 'स्टैंड ऑफ फायर' की साजिश, निशाने पर कश्मीरी पंडित
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में 'जी20' की बैठक से पहले 'पाकिस्तान' के खतरनाक गेम प्लान का खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान और चीन नहीं चाहते हैं कि कश्मीर में जी20 की बैठक शांतिपूर्वत तरीके से संपन्न हो। इसके लिए पड़ोसी मुल्क ने घाटी में मौजूद अपने आतंकी संगठनों और स्लीपर सेल को सक्रिय कर उन्हें टॉस्क भी दे दिया है। बैठक से पहले आतंकी, 'स्टैंड ऑफ फायर' कर सकते हैं। मतलब वे किसी भी शांत जगह पर एकाएक फायरिंग कर लोगों में भगदड़ मचा सकते हैं। दूसरा, घाटी में मौजूद अल्पसंख्यक समुदाय, जिनमें कश्मीरी पंडित और दूसरे राज्यों के श्रमिक शामिल हैं, आतंकी उन्हें निशाना बना सकते हैं। तीसरा, हैंड ग्रेनेड और वाहनों पर स्टीकी बम, ये सब भी आतंकियों के टॉस्क का हिस्सा हैं।
कैंप और वाहनों पर आतंकी हमले की आशंका
कश्मीर में 22 से 24 मई तक जी20 सम्मेलन की बैठक होगी। इस दौरान कई देशों के प्रतिनिधि घाटी में मौजूद रहेंगे। सभी बैठकें एक जगह पर नहीं होंगी। इसके लिए अलग-अलग स्थान तय किए गए हैं। पिछले दिनों पुंछ के भाटादूड़ियां में आतंकियों ने सेना के एक वाहन पर हमला किया था। उस हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों तक पहुंचने के लिए घाटी का चप्पा-चप्पा छान मारा है, मगर अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। पुंछ हमले में हैंड ग्रेनेड, स्टीकी बम, विदेशी हथियार और स्टील बुलेट का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है।
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सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, घाटी में सुरक्षा बलों के कैंप और वाहनों पर आतंकी हमले की आशंका है। इस बाबत विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पाकिस्तान के लांचिंग पैड, जहां से आतंकियों के जम्मू-कश्मीर में प्रवेश की संभावना है, वहां पर नजर रखी जा रही है। शहर में विदेशी मेहमानों को किसी तरह का कोई जोखिम न हो, इसके लिए विशेष कमांडो तैनात किए जा रहे हैं। आत्मघाती हमले की आशंका को देखते हुए एनएसजी के दस्ते भी कश्मीर में पहुंच चुके हैं। बैठक स्थल के आसपास और विदेशी मेहमानों के तय रूट पर ड्रोन रोधी उपकरण लगाए जा रहे हैं।
सड़क किनारे से रेहड़ी वालों को हटाया
गुलमर्ग, सोनमर्ग, डल झील, डाचीगाम नेशनल पार्क, शालीमार एवं निशात बाग और परी महल जैसे स्थलों पर विदेशी मेहमानों को ले जाया जाएगा। इन स्थलों पर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के अलावा विभिन्न सुरक्षा बलों की कई टीमों को लगाया गया है। अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की खास सुरक्षा की जा रही है। कुछ जगहों पर सड़क किनारे से रेहड़ी वालों को हटाया जा रहा है।