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Bangladesh: जयशंकर को ब्रिटिश विदेश मंत्री ने किया फोन, बांग्लादेश की स्थिति समेत इन मुद्दों पर हुआ मंथन
Thu, 08 Aug 2024 05:06 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 08 Aug 2024 05:06 PM IST
सार
Bangladesh: विदेश मंत्री एस. जयशंकर को ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी ने फोन करके बांग्लादेश के स्थिति पर चर्चा की है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इस दौरान दोनों ने पश्चिमी एशिया में बदलती स्थिति पर चर्चा की है।
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जयशंकर को ब्रिटिश विदेश मंत्री ने किया फोन
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। एक्स पर एक पोस्ट में, एस. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और लैमी ने पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। बता दें कि ये फोन कॉल ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी की तरफ से की गई थी।
बांग्लादेश और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लिखा, आज ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविडलैमी से फोन पर बात हुई। बांग्लादेश और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा हुई। भारत के विदेश मंत्री और ब्रिटेन के विदेश सचिव के बीच इस बातचीत के दौरान बांग्लादेश की स्थिति और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लंदन में शरण लेने की प्रारंभिक योजना पर चर्चा की गई। हालांकि ब्रिटेन के शरण देने से हिचकिचाहट के बाद शेख हसीना की योजना को बड़ा झटका लगा है।
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हिंसक प्रदर्शन के बाद हसीना ने छोड़ा देश
बता दें कि देश में आरक्षण को लेकर शुरू हुए छात्रों के आंदोलन के सरकार विरोधी प्रदर्शन में बदलने के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए देश छोड़ दिया था। जिसके बाद से वो भारत में अपनी बहन और अन्य सहयोगियों के साथ रह रही हैं। वहीं उनके लंदन जाने का भी योजना थी, हालांकि यह योजना सफल नहीं हो पाई, क्योंकि ब्रिटेन ने संकेत दिया कि शेख हसीना को अपने देश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों की किसी भी संभावित जांच के खिलाफ कानूनी संरक्षण नहीं मिल सकता है।
ब्रिटेन के बाहर से शरण के लिए आवेदन करना संभव नहीं
सोमवार को लंदन में एक बयान में विदेश सचिव डेविड लैमी ने कहा कि बांग्लादेश ने पिछले दो सप्ताह में अभूतपूर्व स्तर की हिंसा और दुखद जानमाल की हानि देखी है और देश के लोग घटनाओं की संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में पूर्ण और स्वतंत्र जांच के हकदार हैं। ब्रिटेन के आव्रजन नियमों के तहत, ब्रिटेन के बाहर से शरण के लिए आवेदन करना संभव नहीं है।
इन देशों में शरण ले सकती हैं शेख हसीना
इस मामले में एक विशेषज्ञ ने कहा कि ब्रिटेन के पास जरूरतमंद लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का रिकॉर्ड है, लेकिन साथ ही इसके आव्रजन नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसी को शरण या अस्थायी शरण लेने के लिए ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति दी जाए। जिन लोगों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता है, उन्हें सबसे पहले सुरक्षित देश में शरण का दावा करना चाहिए; यह सुरक्षा का सबसे तेज रास्ता है। हालांकि अब ये भी खबर आ रही है कि शेख हसीना शरण लेने के लिए संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, कतर, सऊदी अरब और फिनलैंड समेत कई विकल्पों पर विचार कर रही हैं।
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बांग्लादेश और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लिखा, आज ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविडलैमी से फोन पर बात हुई। बांग्लादेश और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा हुई। भारत के विदेश मंत्री और ब्रिटेन के विदेश सचिव के बीच इस बातचीत के दौरान बांग्लादेश की स्थिति और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लंदन में शरण लेने की प्रारंभिक योजना पर चर्चा की गई। हालांकि ब्रिटेन के शरण देने से हिचकिचाहट के बाद शेख हसीना की योजना को बड़ा झटका लगा है।
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हिंसक प्रदर्शन के बाद हसीना ने छोड़ा देश
बता दें कि देश में आरक्षण को लेकर शुरू हुए छात्रों के आंदोलन के सरकार विरोधी प्रदर्शन में बदलने के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए देश छोड़ दिया था। जिसके बाद से वो भारत में अपनी बहन और अन्य सहयोगियों के साथ रह रही हैं। वहीं उनके लंदन जाने का भी योजना थी, हालांकि यह योजना सफल नहीं हो पाई, क्योंकि ब्रिटेन ने संकेत दिया कि शेख हसीना को अपने देश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों की किसी भी संभावित जांच के खिलाफ कानूनी संरक्षण नहीं मिल सकता है।
ब्रिटेन के बाहर से शरण के लिए आवेदन करना संभव नहीं
सोमवार को लंदन में एक बयान में विदेश सचिव डेविड लैमी ने कहा कि बांग्लादेश ने पिछले दो सप्ताह में अभूतपूर्व स्तर की हिंसा और दुखद जानमाल की हानि देखी है और देश के लोग घटनाओं की संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में पूर्ण और स्वतंत्र जांच के हकदार हैं। ब्रिटेन के आव्रजन नियमों के तहत, ब्रिटेन के बाहर से शरण के लिए आवेदन करना संभव नहीं है।
इन देशों में शरण ले सकती हैं शेख हसीना
इस मामले में एक विशेषज्ञ ने कहा कि ब्रिटेन के पास जरूरतमंद लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का रिकॉर्ड है, लेकिन साथ ही इसके आव्रजन नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसी को शरण या अस्थायी शरण लेने के लिए ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति दी जाए। जिन लोगों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता है, उन्हें सबसे पहले सुरक्षित देश में शरण का दावा करना चाहिए; यह सुरक्षा का सबसे तेज रास्ता है। हालांकि अब ये भी खबर आ रही है कि शेख हसीना शरण लेने के लिए संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, कतर, सऊदी अरब और फिनलैंड समेत कई विकल्पों पर विचार कर रही हैं।