{"_id":"66acd87ddaf9b72ff3082d0b","slug":"jairam-ramesh-moves-a-privilege-motion-notice-in-rajya-sabha-against-hm-for-his-claims-in-wayanad-landslide-2024-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"RS: कांग्रेस ने अमित शाह के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन का नोटिस, वायनाड भूस्खलन को लेकर दावे पर आपत्ति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
RS: कांग्रेस ने अमित शाह के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन का नोटिस, वायनाड भूस्खलन को लेकर दावे पर आपत्ति
Fri, 02 Aug 2024 06:30 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 02 Aug 2024 06:30 PM IST
सार
RS: केरल के वायनाड में आए विनाशकारी भूस्खलन के बाद वहां राहत-बचाव अभियान जारी है। वहीं इसे लेकर राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि इस त्रासदी से पहले ही केरल सरकार को इसके बारे में सूचित किया गया था।
विज्ञापन
जयराम रमेश ने गृह मंत्री के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन का नोटिस
- फोटो : ANI
विस्तार
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने वायनाड भूस्खलन के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया है। बता दें कि राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा किया था कि इस त्रासदी से पहले ही केरल सरकार को इसके बारे में सूचित किया गया था। लेकिन केरल सरकार ने इन सूचनाओं को नजरअंदाज किया।
बता दें कि कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने राज्य सभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम के नियम 187 के अंतर्गत केन्द्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रश्न का प्रस्ताव पेश किया है। अपने शिकायत पत्र में जयराम रमेश ने लिखा, केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों पर कई दावे किए और बताया कि कैसे त्रासदी से काफी पहले केंद्र सरकार की तरफ से जारी किए गए अलर्ट के बावजूद केरल सरकार की तरफ उनका उपयोग नहीं किया गया। इन दावों की मीडिया में बड़े पैमाने पर तथ्य-जांच की गई है। 2 अगस्त, 2024 को प्रकाशित एक ऐसी विस्तृत तथ्य-जांच संलग्न है।
गृह मंत्री ने राज्यसभा को गुमराह किया- रमेश
अपने पत्र में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने लिखा, यह स्पष्ट है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की तरफ से जारी की गई प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली पर अपने जोरदार बयानों से राज्यसभा को गुमराह किया, जो झूठे साबित हुए हैं। यह अच्छी तरह से स्थापित है कि किसी मंत्री या सदस्य की तरफ से सदन को गुमराह करना विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना है। इन परिस्थितियों में, हम प्रस्तुत करते हैं कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
विज्ञापन
राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने दिया था ये बयान
दरअसल गृह मंत्री अमित ने राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन को लेकर बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से केरल सरकार को इस हादसे से सात दिन पहले ही प्रारंभिक चेतावनी दी गई थी। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि- केरल सरकार को 23, 24, 25 जुलाई को प्रारंभिक चेतावनी दी गई थी। वहीं 26 जुलाई को दिए चेतावनी में ये कहा गया था कि 20 मिलीमीटर से अधिक वर्षा राज्य के कई इलाकों में होने की संभावना है। इस दौरान भूस्खलन भी हो सकता है और कीचड़ भी आ सकता है।
विज्ञापन
बता दें कि कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने राज्य सभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम के नियम 187 के अंतर्गत केन्द्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रश्न का प्रस्ताव पेश किया है। अपने शिकायत पत्र में जयराम रमेश ने लिखा, केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों पर कई दावे किए और बताया कि कैसे त्रासदी से काफी पहले केंद्र सरकार की तरफ से जारी किए गए अलर्ट के बावजूद केरल सरकार की तरफ उनका उपयोग नहीं किया गया। इन दावों की मीडिया में बड़े पैमाने पर तथ्य-जांच की गई है। 2 अगस्त, 2024 को प्रकाशित एक ऐसी विस्तृत तथ्य-जांच संलग्न है।
विज्ञापन
गृह मंत्री ने राज्यसभा को गुमराह किया- रमेश
अपने पत्र में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने लिखा, यह स्पष्ट है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की तरफ से जारी की गई प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली पर अपने जोरदार बयानों से राज्यसभा को गुमराह किया, जो झूठे साबित हुए हैं। यह अच्छी तरह से स्थापित है कि किसी मंत्री या सदस्य की तरफ से सदन को गुमराह करना विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना है। इन परिस्थितियों में, हम प्रस्तुत करते हैं कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
विज्ञापन
राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने दिया था ये बयान
दरअसल गृह मंत्री अमित ने राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन को लेकर बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से केरल सरकार को इस हादसे से सात दिन पहले ही प्रारंभिक चेतावनी दी गई थी। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि- केरल सरकार को 23, 24, 25 जुलाई को प्रारंभिक चेतावनी दी गई थी। वहीं 26 जुलाई को दिए चेतावनी में ये कहा गया था कि 20 मिलीमीटर से अधिक वर्षा राज्य के कई इलाकों में होने की संभावना है। इस दौरान भूस्खलन भी हो सकता है और कीचड़ भी आ सकता है।