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विवाद: जगन ने बहन शर्मिला के खिलाफ NCLT का खटखटाया दरवाजा, कहा- अवैध तरीके से शेयर अपने नाम ट्रांसफर करे
Wed, 23 Oct 2024 03:01 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 23 Oct 2024 03:01 PM IST
सार
वाईएस शर्मिला आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी की छोटी बहन हैं। कुछ समय से जगन और शर्मिला के बीच सबकुछ सही नहीं है।
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जगन मोहन रेड्डी और शर्मिला
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपनी बहन और आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने एनसीएलटी में याचिका दायर कर कहा कि उनके और उनकी पत्नी भारती के स्वामित्व वाली सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज के शेयरों को शर्मिला ने अवैध रूप से अपने और अपनी मां विजयम्मा के नाम पर स्थानांतरित कर लिया है।
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कौन हैं वाईएस शर्मिला?
वाईएस शर्मिला आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी की छोटी बहन हैं। शर्मिला अपने भाई जगन से एक साल की छोटी हैं और वह 51 साल की हैं। शर्मिला का विवाह भाई अनिल कुमार से हुआ है, जो आंध्र प्रदेश में अपने धर्म प्रचार के लिए जाने जाते हैं। अनिल कुमार ने वाईएसआर की मृत्यु के बाद अपनी प्रचार गतिविधियों से ब्रेक ले लिया था और 2010 में इसे फिर से शुरू किया। शर्मिला के दो बच्चे हैं, जिनका नाम है राजा रेड्डी और अंजलि रेड्डी। शर्मिला के अपने भाई जगन से राजनीतिक रूप से तल्ख रिश्ते रहे हैं। शर्मिला अपने भाई के साथ ही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थीं, मगर जुलाई 2021 में उन्होंने अपनी राह अलग कर ली थी।
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नवंबर में होगी सुनवाई
जगन और शर्मिला के बीच झगड़े ने कानूनी लड़ाई के रूप में एक नया मोड़ ले लिया है, जब पिछले महीने राष्ट्रीय कंपनी कानूनी न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की हैदराबाद पीठ ने दायर याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए नवंबर की तारीख तय की। याचिका में जगन ने कहा कि उन्होंने शर्मिला के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'प्यार और स्नेह के कारण' वह सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज में अपने और अपनी पत्नी के शेयरों को गिफ्ट डीड के जरिए अपनी अलग हो चुकी बहन को ट्रांसफर कर देंगे, बशर्ते प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्की सहित कुछ संपत्तियों के संबंध में मामले लंबित हों।
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अब हमारे संबंध अच्छे नहीं: रेड्डी
पूर्व मुख्यमंत्री रेड्डी ने अपनी बहन को लिखे एक पत्र में कहा कि कानूनी दायित्वों को पूरा किए बिना और अदालत से मंजूरी के बिना शेयर हस्तांतरण करने के संभावित प्रतिकूल प्रभाव होंगे। उन्होंने समझौते को रद्द करने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा, 'अब किसी से छिपा हुआ नहीं है कि हमारे बीच में संबंध अच्छे नहीं हैं। इस बदली हुई स्थिति को देखते हुए मैं आपको औपचारिक रूप से सूचित करना चाहता हूं कि सहमति ज्ञापन में व्यक्त मूल इरादे पर आगे कार्य करने का मेरा कोई इरादा नहीं है।'
जगन ने कहा कि उनके पिता, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी और पैतृक लोगों द्वारा अर्जित की गई संपत्तियों को परिवार के सदस्यों के बीच बांटा गया है।
बता दें, पूर्व सीएम का इरादा शेयरों (जगन की अपनी संपत्ति) को हस्तांतरित करने का था। इसके अलावा उन्होंने 200 करोड़ रुपये भी हस्तांतरित किए थे, जो उन्होंने सीधे या अपनी मां के माध्यम से अपनी बहन को दिए थे।
'अब प्यार नहीं बचा'
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने और शर्मिला ने 31 अगस्त, 2019 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत वह अपने और भारती के शेयर उचित प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपने भाई-बहन को हस्तांतरित करेंगे, जो किसी भी विचार से संबंधित नहीं है और पूरी तरह से प्रेम और स्नेह से प्रेरित है। वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा कि बहन द्वारा किए गए कामों के कारण अब हम भाई-बहनों के बीच कोई प्यार नहीं बचा है।