हरियाणा में फिर भड़क सकती है जाट आरक्षण की आग
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हरियाणा में एक बार फिर से जाट आरक्षण आंदोलन की आग भड़क सकती है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 5 जून से जाट न्याय रैलियों का सिलसिला शुरू करने की घोषणा की है। समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आंदोलन के दौरान निर्दोष लोगों पर किए गए मुकदमे को खत्म करने का वादा करने के बाद आंदोलन में शामिल सैकड़ों लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करा कर वादाखिलाफी की है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री खट्टर से बात भी की है।
मलिक ने साफ शब्दों में कहा कि अगर आंदोलन को पुलिस बल प्रयोग के जरिये खत्म करने की कोशिश की तो आंदोलनकारी अपने हिसाब से कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होंगे। मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उस दौरान आंदोलन खत्म करते समय 22 फरवरी को निर्दोष लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, मारे गए लोगों के परिवार को मुआवजा देने का वादा किया था। वादा पूरा करने के बदले मुख्यमंत्री ने सैकड़ों लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करा दिया।
उन्होंने पूछा कि क्या आंदोलन के जरिये हक मांगना देशद्रोह है? उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जाट समाज के पास अब आंदोलन करने के अलावा और कोई चारा नहीं है। जाट समाज पूरी ताकत से आंदोलन करेगा। इस बीच समिति के प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री से निर्दोष लोगों पर आंदोलन के दौरान दर्ज देशद्रोह का मुकदमा वापस लेने और मृतक के परिवार वालों को मुआवजा देने की मांग की।
गृह मंत्री ने इस दौरान प्रतिनिधिमंडल से जल्द कोई कदम न उठाने की अपील की। गौरतलब है कि जाट आरक्षण के दौरान हुई भीषण हिंसा के बाद राज्य सरकार के प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करने के साथ हिंसा भड़काने के आरोप में मलिक समेत 130 नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है।