J&K: 'भेजते रहेंगे हैरान करने वाले तोहफे, आपकी नियुक्ति नई बोतल में पुरानी शराब', नए DGP को आतंकियों की धमकी
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विस्तार
आंध्र प्रदेश से अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में शामिल होने वाले नलिन प्रभात, आईपीएस (एपी-1992) को जम्मू-कश्मीर का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है। प्रभात ने एक अक्तूबर को कार्यभार संभाल लिया है। नए डीजीपी के लिए इस नियुक्ति को काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। वजह, केंद्र सरकार ने दो तीन वर्षों में आतंकवाद और माओवाद को खत्म करने की बात कही है। जेएंडके में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले समूह, द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने नए डीजीपी नलित प्रभात को एक मैसेज दिया है। सोशल मीडिया के जरिए भेजे गए मैसेज में नलिन प्रभात की नियुक्ति को 'नई बोतल में पुरानी शराब' बताया है। इतना ही नहीं, आतंकी संगठन ने यह भी कहा है कि उनका कार्यकाल मुश्किलों भरा रहेगा। टीआरएफ, उन्हें समय-समय पर हैरान करने वाले तोहफे भेजता रहेगा।
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी समूह, द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), जिसे पाकिस्तान के आतंकी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' की एक शाखा बताया जाता है, उसने जम्मू कश्मीर के नए डीजीपी नलिन प्रभात के लिए एक संदेश जारी किया है। सोशल मीडिया में एक सितंबर को जारी इस संदेश में प्रभात की नियुक्ति को 'नई बोतल में पुरानी शराब' बताया गया है। हम वादा करते हैं कि वे अपने कार्यकाल के दौरान ऊंचे पद पर रहेंगे, लेकिन हम उन्हें समय-समय पर हैरान करने वाले तोहफे भेजते रहेंगे। टीआरएफ ने अपने संदेश में कुलगाम एनकाउंटर का भी जिक्र किया है, जिसमें उसके दो सदस्यों को मार गिराया गया। उसके बाद टीआरएफ ने कई जवानों को घायल करने की बात कही है। इनमें जेकेपी के एएसपी 'ऑपरेशन' भी शामिल हैं। नए डीजीपी को दिए अपने संदेश में टीआरएफ ने कहा, जब तक हम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते, रेजिस्टेंस फ्रंट अपनी लड़ाई जारी रखेगा। टीआरएफ के अहमद खालिद ने आखिर में लिखा, हम इस संघर्ष को किसी गद्दार या सहयोगी के हाथों छीनने नहीं देंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों जम्मू कश्मीर में एक चुनावी जनसभा में आतंकवादियों से हथियार छोड़ने और सरकार से बातचीत के लिए आगे आने का आह्वान किया था। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था, आप चाहे जो चाहें, हम आतंकवाद को 'पाताल' में दफना देंगे। केंद्र में मोदी सरकार के रहते जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की शक्ति किसी में नहीं है। टीआरएफ, जेएंडे का एक आतंकवादी समूह है। यह पाकिस्तान के आतंकी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा है। रेजिस्टेंस फ्रंट की सक्रियता 2019 के बाद देखने को मिली है। भारत सरकार ने इसे 2023 में एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है। टीआरएफ ने जेएंडके में कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली है। इनमें नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों, पर्यटकों व सुरक्षा बलों पर हमला शामिल है। कुछ दिन पहले शिव खोरी मंदिर से तीर्थयात्रियों को लेकर कटरा जा रही बस पर हुए हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में अप्रैल 2010 के दौरान देश का सबसे बड़ा नक्सली हमला हुआ था। उस हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे। उस वक्त नलिन प्रभात डीआईजी थे। उस मामले में नलिन प्रभात, इन्क्वायरी के दायरे में आए थे। गृह मंत्रालय की राममोहन कमेटी को मामले की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी सौंपी थी। सीआरपीएफ के तत्कालीन आईजी रमेश चंद्रा, डीआईजी नलिन प्रभात, 62 वीं बटालियन के सीओ एके बिष्ट और इंस्पेक्टर संजीव बांगड़े पर सवाल उठाए गए थे।
इन अधिकारियों पर पर्याप्त सुरक्षा के बिना जवानों को एरिया सैनिटाइजेशन के लिए भेजना और जानकार कमांडेंट व डिप्टी कमांडेंट को टीम से अलग करना, जैसे कई गंभीर आरोप लगे थे। नक्सली हमले में बल की प्लानिंग, एग्जीक्यूशन और इंटेलिजेंस, आदि को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई थी। बाद में उक्त चारों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। इसके बावजूद प्रभात, लगातार सीआरपीएफ में ही बने रहे। बीजापुर जिले में 3 अप्रैल 2021 को हुए नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे। नलिन प्रभात उस समय आईजी नक्सल ऑपरेशन का कार्यभार संभाल रहे थे।