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UN: 6जी फ्रेमवर्क पर संयुक्त राष्ट्र ने भारत के सुझाव स्वीकारे, मेक इन इंडिया जैसे अभियान से देश में बदलाव
Fri, 30 Jun 2023 05:54 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 30 Jun 2023 05:54 AM IST
सार
दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, पीएम ने मार्च 2023 में भारत का 6जी विजन दस्तावेज जारी किया, जिसमें 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और तैनाती में भारत को अग्रणी योगदानकर्ता बनाने की परिकल्पना की गई है।
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अश्विनी वैष्णव
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सुयंक्त राष्ट्र के टेलीकॉम निकाय अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) ने 6जी तकनीक फ्रेमवर्क पर भारत के सुझावों को स्वीकार कर लिया है। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, भारत 6जी तकनीक के विकास में एक अहम किरदार के तौर पर उभर रहा है। आईटीयू ने हाल ही में 6जी पर वैश्विक ढांचा स्थापित करने में भारत के योगदान को स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि भारत को 6जी में दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए।
वैष्णव ने कहा, पीएम ने मार्च 2023 में भारत का 6जी विजन दस्तावेज जारी किया, जिसमें 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और तैनाती में भारत को अग्रणी योगदानकर्ता बनाने की परिकल्पना की गई है। दूरसंचार विभाग ने प्रमुख उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और अनुसंधान और विकास संगठनों की भागीदारी के साथ इस आईटीयू के 6जी ढांचे पर काम किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की जरूरतों की वकालत की है।
टेलीकॉम मंत्रालय की तरफ से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि भारत के सुझावों को स्वीकारना अगली पीढ़ी की हाई-स्पीड प्रौद्योगिकी के विकास में देश की महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत है। वहीं, आईटीयू-एपीटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया (आईएएफआई) के अध्यक्ष भरत भाटिया ने कहा, भारत के योगदान के आधार पर, आईटीयू 6जी फ्रेमवर्क में अब 6जी के छह उपयोग परिदृश्यों में से एक के रूप में सर्वव्यापी कनेक्टिविटी शामिल है और इसमें 6जी तकनीक की क्षमताओं के रूप में कवरेज, इंटरऑपरेबिलिटी और स्थिरता भी शामिल है। 12-22 जून के बीच जिनेवा में आयोजित बैठक के दौरान आईटीयू ने भारत के इनपुट को स्वीकार किया। यह दर्शाता है कि आगे 6जी तकनीक के मानकीकरण और प्रौद्योगिकी विकास में भारत के सुझाव शामिल होंगे। भारत के पास पहले से ही 200 से अधिक पेटेंट हैं जो 6जी विकास में मदद करेंगे।
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मेक इन इंडिया जैसे अभियान से देश में आ रहा बदलाव : ठाकुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे आह्वान रंग ला रहे हैं। यह बात सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग ठाकुर ने कही। अनुराग ने भाजपा सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर संपर्क से समर्थन अभियान के तहत बृहस्पतिवार को दिल्ली में खिलाड़ियों और डॉक्टरों से मिलकर उन्हें मोदी सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराया।
इनमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लॉन बालिंग की खिलाड़ी पिंकी सिंह, बॉक्सर रोहित टोकस, आरजी कैंसर अस्पताल के सीईओ डॉ. डीएस नेगी, कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरानी व रोबोटिक्स एक्सपर्ट डॉ. सुधीर कुमार रावल शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा, मोदी सरकार के पिछले नौ वर्षों में देश में कितना बड़ा बदलाव आया है, संपर्क से समर्थन कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्र के लोगों से मिलने पर बार-बार ये बातें निकलकर सामने आ रहीं हैं। हमारी नीतियों और कार्यपद्धति को प्रमाणित कर रहीं हैं।
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वैष्णव ने कहा, पीएम ने मार्च 2023 में भारत का 6जी विजन दस्तावेज जारी किया, जिसमें 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और तैनाती में भारत को अग्रणी योगदानकर्ता बनाने की परिकल्पना की गई है। दूरसंचार विभाग ने प्रमुख उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और अनुसंधान और विकास संगठनों की भागीदारी के साथ इस आईटीयू के 6जी ढांचे पर काम किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की जरूरतों की वकालत की है।
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टेलीकॉम मंत्रालय की तरफ से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि भारत के सुझावों को स्वीकारना अगली पीढ़ी की हाई-स्पीड प्रौद्योगिकी के विकास में देश की महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत है। वहीं, आईटीयू-एपीटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया (आईएएफआई) के अध्यक्ष भरत भाटिया ने कहा, भारत के योगदान के आधार पर, आईटीयू 6जी फ्रेमवर्क में अब 6जी के छह उपयोग परिदृश्यों में से एक के रूप में सर्वव्यापी कनेक्टिविटी शामिल है और इसमें 6जी तकनीक की क्षमताओं के रूप में कवरेज, इंटरऑपरेबिलिटी और स्थिरता भी शामिल है। 12-22 जून के बीच जिनेवा में आयोजित बैठक के दौरान आईटीयू ने भारत के इनपुट को स्वीकार किया। यह दर्शाता है कि आगे 6जी तकनीक के मानकीकरण और प्रौद्योगिकी विकास में भारत के सुझाव शामिल होंगे। भारत के पास पहले से ही 200 से अधिक पेटेंट हैं जो 6जी विकास में मदद करेंगे।
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मेक इन इंडिया जैसे अभियान से देश में आ रहा बदलाव : ठाकुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे आह्वान रंग ला रहे हैं। यह बात सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग ठाकुर ने कही। अनुराग ने भाजपा सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर संपर्क से समर्थन अभियान के तहत बृहस्पतिवार को दिल्ली में खिलाड़ियों और डॉक्टरों से मिलकर उन्हें मोदी सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराया।
इनमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लॉन बालिंग की खिलाड़ी पिंकी सिंह, बॉक्सर रोहित टोकस, आरजी कैंसर अस्पताल के सीईओ डॉ. डीएस नेगी, कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरानी व रोबोटिक्स एक्सपर्ट डॉ. सुधीर कुमार रावल शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा, मोदी सरकार के पिछले नौ वर्षों में देश में कितना बड़ा बदलाव आया है, संपर्क से समर्थन कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्र के लोगों से मिलने पर बार-बार ये बातें निकलकर सामने आ रहीं हैं। हमारी नीतियों और कार्यपद्धति को प्रमाणित कर रहीं हैं।