आईटीबीपी को मिलेगा नया मुख्यालय, जवानों-अफसरों ने दृढ़ता से किया चुनौतियों का मुकाबला: महानिदेशक
लगभग 59 वर्ष के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब बल के नए मुख्यालय के लिए आईटीबीपी को एक समर्पित भूमि खंड उपलब्ध कराया गया है...
लगभग 59 वर्ष के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब बल के नए मुख्यालय के लिए आईटीबीपी को एक समर्पित भूमि खंड उपलब्ध कराया गया है...
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आईटीबीपी के डीजी एसएस देसवाल ने बल परिवार को दिए नववर्ष के बधाई संदेश में कहा है कि जल्द ही आईटीबीपी को नया मुख्यालय मिलेगा। पिछले दिनों सरकार ने मथुरा रोड, नई दिल्ली में चिर प्रशिक्षित आईटीबीपी बल मुख्यालय भवन के लिए भूमि का आबंटन कर दिया है। लगभग 59 वर्ष के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब बल के नए मुख्यालय के लिए आईटीबीपी को एक समर्पित भूमि खंड उपलब्ध कराया गया है। बहुत जल्द बल के मुख्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा। बल की सभी शाखाएं एक ही भवन से कार्य कर सकेंगी।
देसवाल ने कहा, आईटीबीपी ने इस साल में देश की सुरक्षा और देशवासियों की सेवा में स्मरणीय योगदान दिया है। समस्त देश ने देखा कि किस प्रकार सीमा पर हिमवीरों ने उल्लेखनीय वीरता का परिचय दिया। ‘शौर्य, दृढ़ता और कर्मनिष्ठा’ के साथ सीमा सुरक्षा में कोई कसर बाकी नहीं रखी। इसके साथ ही कोरोना की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी इस बल ने दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर देश को और उसकी कोरोना के खिलाफ व्यवस्था के प्रबंधन में बिना स्वयं की परवाह किये बगैर अद्वितीय भूमिका निभाई है।
भारत-चीन सीमा पर आईटीबीपी जवानों ने दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब भी दिया है। आईटीबीपी की फील्ड यूनिट्स द्वारा कोविड 19 के खिलाफ सख्त प्रोटोकॉल के पालन करने की वजह से अब तक हम इस बीमारी को बल में नियंत्रित करने में सफल रहे हैं। जनवरी में देश का पहला 1000 बिस्तरों वाला क्वारंटीन केंद्र छावला में बनाया गया था।
यहां आईटीबीपी की निगरानी में देश तथा विदेश से आए हजारों नागरिकों को सफलतापूर्वक क्वारंटीन कराया गया। उसके बाद इस बल में फेस मास्क व पीपीई किट का निर्माण शुरू किया गया। बता दें कि यह निर्माण कार्य उस वक्त शुरू हुआ था, जब देश में इन वस्तुओं की सबसे ज्यादा जरूरत थी। लॉकडाउन के दौरान आईटीबीपी जवानों ने लगातार दुर्गम सुदूर इलाकों तक जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई। आपूर्ति मार्ग को सुचारू बनाए रखा। पहली जुलाई से नई दिल्ली के छतरपुर इलाके में सरदार पटेल कोविड केयर केंद्र और अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी संभाली। यहां पर विश्व के सबसे बड़े 10,000 बिस्तरों वाले कोविड केयर केंद्र का सफल संचालन किया गया। हजारों लोगों का निःशुल्क इलाज किया गया।
डीजी देसवाल ने कहा, हम बल के डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रति कृतज्ञ हैं। हमें उन पर गर्व है, जिन्होंने ईमानदारी और पूर्ण निष्ठा से विपरीत परिस्थितियों में भी देशवासियों की सेवा की। आईटीबीपी रेफरल अस्पताल, ग्रेटर नोएडा में हिमवीरों का और दिल्ली एनसीआर में अन्य बलों के कर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों का भी निःशुल्क इलाज़ किया गया। इस वर्ष में बल के दो कमांड मुख्यालयों ने क्रमशः चंडीगढ़ और गुवाहाटी से कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।
अपने मूल कार्यों के अलावा आईटीबीपी ने इस साल फिट इंडिया मिशन में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। आईटीबीपी ने मिशन 200 किलोमीटर और मिशन 100 किलोमीटर जैसे जन जागरूकता के सफल अभियान आयोजित किए हैं। हमने उत्कृष्ट जीवटता का परिचय देते हुए इस साल दो चोटियों लियो परगिल और भागीरथी-2 का भी सफल आरोहण किया है।