बद्रीनाथ मंदिर परिसर के कपाट खुलने से पहले आईटीबीपी ने कर दी श्रद्धालुओं की राह आसान
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बद्रीनाथ मंदिर परिसर के कपाट दस मई को खुलेंगे। मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल) ने मोर्चा संभाल लिया है। श्रद्धालुओं की राह आसान बनाने के लिए आईटीबीपी के करीब पांच दर्जन जवानों ने पैदल मार्गों को दुरुस्त कर दिया है। पिछले साल कपाट खुलने के एक सप्ताह के अंदर ही लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ दर्शन किए थे। इस वर्ष मई में श्रद्धालुओं का वह आंकड़ा दो लाख की संख्या को पार कर सकता है।
बता दें कि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। बद्रीनाथ के कपाट दस मई को खुलेंगे। आईटीबीपी के औली स्थित पर्वतारोहण तथा स्कीइंग इंस्टिट्यूट के पर्वतारोहियों ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में व्यापक सफाई एवं जागरूकता अभियान चलाया है। बल के जवानों को यदि कहीं पर कोई ऐसी जगह, कट या अन्य बाधा नजर आती है तो वे उसे फौरन हटा देते हैं। जिस रास्ते से भक्तगण मंदिर में प्रवेश करते हैं, वहां कई जगहों पर पत्थर आदि पड़े हुए थे। उन्हें बीच रास्ते से हटा दिया गया है।
बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या
चमोली जिले के माना गांव के आसपास वाले सभी रास्ते साफ कर दिए गए हैं। मंदिर परिसर के अलावा तप्त कुंड, अलकनंदा नदी के तटों, सीढ़ियों और पैदल मार्गों को भी पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। आईटीबीपी प्रत्येक वर्ष कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ धाम और यहां तक पहुंचने वाले मार्ग की सफाई करता रहा है। यह मंदिर समुद्र तल से दस हजार आठ सौ फीट की उंचाई पर स्थित है।
बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष अपेक्षाकृत ज्यादा बर्फबारी होने से यहां का संपर्क मार्ग दो माह से भी ज्यादा समय तक बंद रहा था। पिछले वर्ष 20 नवंबर को मंदिर के कपाट बंद हुए थे। इस वर्ष केवल मई में ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा दो लाख से भी ज्यादा हो सकता है। पिछले साल लगभग 11 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, इस बार यह संख्या काफी ज्यादा होने की उम्मीद है।