{"_id":"57c34cca4f1c1b0d4bd5182b","slug":"it-s-mayawati-versus-modi-in-u-p","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जहां जहां पहुंचे मोदी वहां वहां अब माया की दस्तक","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
जहां जहां पहुंचे मोदी वहां वहां अब माया की दस्तक
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Mon, 29 Aug 2016 02:12 AM IST
विज्ञापन
मायावती
- फोटो : Getty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसपा सुमीमों मायावती उत्तर प्रदेश की जनता खासकर मुसलमनों को यद संदेश देना चाहती है कि भाजपा और नरेंद्र मोदी से मुकाबले के लिए सिर्फ और सिर्फ वह सक्षम हैं। इसी रणनीति के तहत वह जहां जहां पीएम मोदी ने यूपी में रैली का बड़ा कार्यक्रम किया, वह अब वहां वहां बड़ी रैली करने के लिए दस्तक दे रही है। उनका भाषण में हमला हालांकि कांग्रेस और सपा पर भी रहता है लेकिन सबसे आक्रमण हमला वह भाजपा और खुद नरेंद्ंर मोदी का टारगेट पर लेकर कर रही हैं। बसपा प्रमुख का इस बार पूरा ध्यान मुस्लिम-दलित गठजोड़ के दम पर सत्ता हासिल करने का है।
इलाहाबाद में मायावती की रैली चार सिंतबर को हैं। यहां पर भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग के बाद पीएम ने बड़ी रैली की थी। मायावती ने अब वहां पचास से अधिक विधानसभा क्षेत्र केकार्यकर्ताओं की रैलीं बुलाकर मुस्लमों को संदेश देना चाहेगी कि दलित उनकेसाथ मजबूती से खड़ें हैं, अगर वह भी इसी शिद्द से साथ रहे तब भाजपा को उनके सांप्रयादिता को बढ़ावा देने के मंसूबे पूरे करने से रोक दिया जाएगा।
सहारनपुर में भाजपा ने केंद्र सरकार के दो साल पूर होने का जश्न मनाया था। नरेंद्र मोदी समेत कैबिनेट के कई साथी उस रैली में शिरकत करने पहुंचे थे। बसपा मुखिया 11 को सहारनपुर में रैली कर दहाडेंगी। मजे की बात यह है कि बसपा ने उसी चुन्हैटी गांव केमैदान को चुना है जिसमें मोदी ने भाषण दिया था। सहारनपुर रैली में मेरठ मंडल की 26 और सहारनुपर मंडल की 16 यानि 44 विधानसभा सीटों केकार्यकर्ता शिरकत करेंगे। मोदी से ज्यादा भीड़ जुटाने का लक्ष्य बसपा का है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद में मायावती की रैली चार सिंतबर को हैं। यहां पर भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग के बाद पीएम ने बड़ी रैली की थी। मायावती ने अब वहां पचास से अधिक विधानसभा क्षेत्र केकार्यकर्ताओं की रैलीं बुलाकर मुस्लमों को संदेश देना चाहेगी कि दलित उनकेसाथ मजबूती से खड़ें हैं, अगर वह भी इसी शिद्द से साथ रहे तब भाजपा को उनके सांप्रयादिता को बढ़ावा देने के मंसूबे पूरे करने से रोक दिया जाएगा।
विज्ञापन
सहारनपुर में भाजपा ने केंद्र सरकार के दो साल पूर होने का जश्न मनाया था। नरेंद्र मोदी समेत कैबिनेट के कई साथी उस रैली में शिरकत करने पहुंचे थे। बसपा मुखिया 11 को सहारनपुर में रैली कर दहाडेंगी। मजे की बात यह है कि बसपा ने उसी चुन्हैटी गांव केमैदान को चुना है जिसमें मोदी ने भाषण दिया था। सहारनपुर रैली में मेरठ मंडल की 26 और सहारनुपर मंडल की 16 यानि 44 विधानसभा सीटों केकार्यकर्ता शिरकत करेंगे। मोदी से ज्यादा भीड़ जुटाने का लक्ष्य बसपा का है।
विज्ञापन
मुलायम के गढ़ में मोदी के बाद रविवार को बसपा सुप्रीमों गरजी
बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
रविवार को ही मायावती सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में करीब 67 विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की विशाल रैली में गरजी। क्षेत्र भले ही मुलायम का रहा हो लेकिन माया ने वहां रैली जहां जहां मोदी वहां वहां वहां माया वाली रणनीति के तहत की आजमगढ़ में रखी। मोदी आजमगढ़ में पहले रैली कर चुकेहैं। बसपा के पश्चिमी यूपी के मुख्य जोन कोर्डिनेटर अतर सिंह राव का कहना है कि सहारनपुर रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे। नरेंद्र मोदी की रैली वाले मैदान का भाजपा से तीन गुणा ज्यादा क्षेत्र कवर किया है।
आगरा की रैली में दिखा चुकी हैं ताकत
आगरा की रैली में पिछले सप्ताह मायावती अपनी ताकत का एहसास करा चुकी है। दरअसल, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आगरा में इसी माह दलित रैली करने वाले थे। तैयारी भी हो गई थी। एक दिन पहले ही रैली कैसिंल कर दी गई थी। मायावती ने वहां बड़ी रैली कर भाजपा को यह बताने की कोशिश की है कि दलितों में सेंध लगाने की कोशिश आसान नहीं है।
रविवार को ही रैली कर रही बसपा
मायावती ने इस बार सारी रैली करने का दिन रविवर ही नियत किया है। सर्वजन सुखाएं सर्वजन हिताय यात्रा के तहत पहली रैली 21 अगस्त को आगरा में की। 28 अगस्त को आजमगढ़ में की। चार सिंतबर को इलाहाबाद में और 11 सितंबर को सहारनपुर में रैली करेंगी। ये सभी तिथि रविवार को पड़ी। उसके बाद दूसरे चरण की रैली की तिथियों को जल्द बसपा तय करेगी।
आगरा की रैली में दिखा चुकी हैं ताकत
आगरा की रैली में पिछले सप्ताह मायावती अपनी ताकत का एहसास करा चुकी है। दरअसल, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आगरा में इसी माह दलित रैली करने वाले थे। तैयारी भी हो गई थी। एक दिन पहले ही रैली कैसिंल कर दी गई थी। मायावती ने वहां बड़ी रैली कर भाजपा को यह बताने की कोशिश की है कि दलितों में सेंध लगाने की कोशिश आसान नहीं है।
रविवार को ही रैली कर रही बसपा
मायावती ने इस बार सारी रैली करने का दिन रविवर ही नियत किया है। सर्वजन सुखाएं सर्वजन हिताय यात्रा के तहत पहली रैली 21 अगस्त को आगरा में की। 28 अगस्त को आजमगढ़ में की। चार सिंतबर को इलाहाबाद में और 11 सितंबर को सहारनपुर में रैली करेंगी। ये सभी तिथि रविवार को पड़ी। उसके बाद दूसरे चरण की रैली की तिथियों को जल्द बसपा तय करेगी।