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West Bengal: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- अपना वादा भूल गए

Tue, 23 Jan 2024 09:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 23 Jan 2024 09:35 PM IST
सार

West Bengal: नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि इतने वर्षों के बाद भी हमारे पास नेताजी की मौत की कोई तारीख नहीं है। हम नहीं जानते कि उनके साथ क्या हुआ।

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It's a shame that even today we do not know what happened to Netaji: Mamata
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती मना रहा है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को कहा कि यह भारत के लिए दुर्भाग्य की बात है कि नेताजी के लापता होने के इतने वर्षों बाद भी लोग नहीं जानते हैं कि उनके साथ क्या हुआ। उन्होंने कहा, हमारे पास उनकी मौत की कोई तारीख नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने नेताजी के लापता होने के मामले की जांच कराने का वादा किया था। लेकिन, इस वादे को पूरा नहीं किया।

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मुख्यमंत्री बनर्जी ने यहां नेताजी बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कहा, 'यह भारत का दुर्भाग्य है कि इतने वर्षों के बाद भी हमारे पास नेताजी की मौत की कोई तारीख नहीं है। हम नहीं जानते कि उनके साथ क्या हुआ। यह अमावस्या की रात के पीछे छिपे किसी तथ्य जैसा है। यह शर्मनाक है। 

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कई लोग मानते हैं कि नेताजी अगस्त 1945 में ताइवान में एक विमान दुर्घटना के बाद गायब हो गए थे। उसके बाद उनके साथ क्या हुआ, इसको लेकर कई विचार और सिद्धांत हैं। बनर्जी ने कहा, हमें शर्म आती है कि हमें अभी तक यह नहीं पता कि नेताजी कहां गए। हम नहीं जानते की कि वह कहां गायब हो गए या उनके साथ क्या हुआ या उन्हें प्रताड़ित किया गया या वह कहीं छिपे थे या नहीं?'

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बनर्जी ने 2015 में उनकी सरकार द्वारा नेताजी से जुड़ी 64 फाइलों को सार्वजिक किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने स्वाधीनता सेनानी के लापता होने की जांच कराने का वादा किया था। लेकिन अब वह अपने वादे भूल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नेताजी की अस्थियों के दावों में दिलचस्पी नहीं रखती हैं। बल्कि, इसके बजाय नेताजी को देखने को उत्सुक हैं। खबरों में कहा गया था कि नेताजी बोस की अस्थियां टोक्यो के रेनकोजी मंदिर में संरक्षित हैं। कई बार जापान से मांग की जा चुकी है कि इन अस्थियों को भारत को सौंपा जाए। 

उन्होंने कहा, 'कुछ लोग कह रहे थे कि अस्थियां सौंप दी जाएंगी। लेकिन, मैंने कहा कि हम नेताजी को मांस और खून के साथ देखना चाहते हैं। नेताजी हमारी भावना हैं। पता नहीं वह ठीक हैं या नहीं। लेकिन, फिर भी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करेंगे। हमें उनका आशीर्वाद चाहिए।' 

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