पायल तडवी आत्महत्या: परिवार ने जताई हत्या की आशंका, एक आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
मुंबई के बीवाईएल नायर अस्पताल के बाहर वंचित बहुजन अगड़ी और अन्य आदिवासी संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां 22 मई को गायनोकोलॉजी (स्त्रीरोग) की पढ़ाई करने वाली दूसरे वर्ष की छात्रा पायल तडवी (22) ने वरिष्ठ छात्राओं से परेशान होकर आत्मत्या कर ली थी। इसी बीच पायल को खुदकुशी के लिए उकसाने की आरोपी मुंबई के अस्पताल की चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
मुंबई के बीवाईएल नायर अस्पताल के बाहर वंचित बहुजन अगड़ी और अन्य आदिवासी संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां 22 मई को गायनोकोलॉजी (स्त्रीरोग) की पढ़ाई करने वाली दूसरे वर्ष की छात्रा पायल तडवी (22) ने वरिष्ठ छात्राओं से परेशान होकर आत्मत्या कर ली थी। इसी बीच पायल को खुदकुशी के लिए उकसाने की आरोपी मुंबई के अस्पताल की चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पायल की मां अबीदा तडवी और उनके पति डॉक्टर सलमान भी मौजूद हैं। ये सभी मांग कर रहे हैं उन तीन वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, जिन्होंने कथित तौर पर रैगिंग के दौरान पायल का शोषण किया और उसकी जाति को लेकर उसे भलाबुरा कहा।
परिवार ने जताई हत्या की आशंका
पायल के पति सलमान ने कहा, "हम चाहते हैं कि सरकार हस्तक्षेप करे। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यह मुमकिन है कि पायल की तीन महिला डॉक्टरों ने हत्या की हो।"
पायल के परिवार और प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए भीम सेना के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह महाराष्ट्र जाएंगे। उन्होंने कहा, "हमें अपनी छोटी बहन को न्याय दिलाने के लिए लड़ने की जरूरत है।"
वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी बीवाईएल अस्पताल को चिट्ठी लिखकर मामले की जांच का निर्देश दिया है और मामले की जांच से जुड़ी रिपोर्ट मांगी है।
इससे पहले महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी किया था। आयोग ने एंटी-रैगिंग कानून के तहत की गई कार्रवाई पर जवाब आठ दिनों में दाखिल करने को कहा है। वहीं तीन आरोपी महिला डॉक्टरों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आरोपियों ने कहा निष्पक्ष जांच हो
महाराष्ट्र असोसिएशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) को लिखे खत में अंकिता खंडेलवाल, हेमा आहूजा और भक्ति मेहारे ने कहा है कि वे चाहती हैं कि कॉलेज मामले में निष्पक्ष जांच करे और उन्हें न्याय दिलाए।
तीनों डॉक्टरों ने खत में लिखा है, "बिना हमें सुने, पुलिस बल और मीडिया के दबाव में जांच करने का तरीका सही नहीं है।" एमएआरडी ने तीनों डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने एमएआरडी के अधिकारी के हवाले से कहा है, "हमारे पास विश्वसनीय इनपुट हैं कि तीनों डॉक्टरों ने पायल तडवी के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी की थी। जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। हम मामले की जांच में पुलिस को सहयोग देंगे।"
मामले में दायर एफआईआर में कहा गया है कि पायल का वरिष्ठ डॉक्टरों ने शोषण किया था। यह कहकर कि उसे ऑपरेशन थिएटर में नहीं जाने दिया जाएगा या डिलीवरी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। व्हाट्सएप ग्रुप पर उसका आदिवासी समुदाय से होने को लेकर भी मजाक बनाया जाता था।
आत्महत्या वाले दिन मां को किया था फोन
परिवार ने खोली अस्पताल की पोल
उन्होंने आगे कहा कि परिवार ने पायल की यूनिट बदलने का अनुरोध भी किया। लेकिन कई आश्वासनों के बावजूद भी उनका अनुरोध नहीं सुना गया। जब पायल ट्रेनिंग से वापस आई तो उसे और भी ज्यादा परेशान किया जाने लगा।
पायल के परिवार ने अस्पताल प्रशासन के कई दावों की पोल खोली है। डीन ने दावा किया था कि उन्हें पायल के परिवार की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली। लेकिन पायल की मां ने वो खत दिखाया, जिसे उन्होंने 13 मई को डीन को सौंपा था। यानी पायल के खुदकुशी करने से नौ दिन पहले।
हालांकि अन्य तीन डॉक्टरों के साथ-साथ एचओडी को भी निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस तीनों आरोपी डॉक्टरों का पता नहीं लगा पाई है। तीनों ने 22 मई से अपने फोन को स्विच ऑफ कर लिया है। मामले की जांच के लिए हुई अस्पताल की एंटी-रैगिंग कमेटी की सुनवाई में भी तीनों नहीं पहुंचीं।