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आयकर विभाग की कार्रवाई: चीनी मोबाइल कंपनियों पर लग सकता है 1000 करोड़ का जुर्माना, 6500 करोड़ की कर चोरी का खुलासा
Fri, 31 Dec 2021 06:51 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 31 Dec 2021 06:51 PM IST
सार
आयकर विभाग ने 21 दिसंबर को कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में इन कंपिनयों के परिसरों पर छापे मारे थे।
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विस्तार
चीनी मोबाइल कंपनियों के खिलाफ केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बड़ी कर चोरी का पर्दाफाश किया है। दरअसल पिछले सप्ताह आयकर विभाग ने 11 राज्यों में एक साथ छापा मार कर इन कंपनियों की 6,500 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब आय का पता लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर इन कंपनियों पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लग सकता है।
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आयकर विभाग ने 21 दिसंबर को कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में इन कंपिनयों के परिसरों पर छापे मारे थे। इस दौरान पता चला कि दो कंपनियों ने विदेशों में अपने समूह की अन्य कंपनियों को रॉयल्टी के नाम पर 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है।
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एक अधिकारी ने बताया कि यह रकम जिस मद में खर्च की गई, उस लिहाज से बहुत ज्यादा है। अधिकारियों का दावा है कि कंपनियों ने आयकर अधिनियम का उल्लंघन किया है। इसके अलावा इन कंपनियों के खातों में विदेश से जो फंड अए हैं वे संदिग्ध प्रकृति के हैं।
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सीबीडीटी ने बताया कि कंपनी के भारतीय निदेशकों ने स्वीकार किया कि कंपनी के प्रबंधन में उनकी कोई भूमिका नहीं है और उनकी जिम्मेदारी केवल नाम तक सीमित है। सबूत मिले है कि कंपनी का पूरा कोष जो करीब 42 करोड़ रुपये है, भारत से बाहर बिना कर दिए स्थानांतरित करने की कोशिश की गई। बयान में कहा गया कि सर्वेक्षण की कार्रवाई फिनटेक और अन्य सॉफ्टवेयर कंपनियों के खिलाफ भी की गई और पाया गया कि ऐसी कपंनियों को लागत बढ़ाकर दिखाने और राशि देश से बाहर ले जाने के लिए किया गया, इस प्रकार करीब 50 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए।