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ED: सरकार से अनुमोदन लिए बिना ही 264 करोड़ के परिवर्तनीय नोट जारी किए, फेमा उल्लंघन का केस दर्ज

Wed, 23 Jul 2025 03:33 PM IST
बशु जैन डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Wed, 23 Jul 2025 03:33 PM IST
सार

ईडी को जांच में पता चला कि मैसर्स वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड अपना व्यवसाय सिमपल नामक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से चलाता है। कंपनी ने 648 करोड़ रुपये का एफडीआई प्राप्त किया और अपनी व्यावसायिक गतिविधि को सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य कंप्यूटर सेवा गतिविधियों के लाभ के रूप में घोषित करके 264 करोड़ के परिवर्तनीय नोट जारी किए। 

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Issued convertible notes worth Rs 264 crore without taking approval from the government, ED registered case
ईडी (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बंगलूरु क्षेत्रीय कार्यालय ने मैसर्स वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (एसआईएमपीएल) और इसके निदेशक नित्या नंद शर्मा के खिलाफ 913 करोड़ रुपये के उल्लंघन के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) की धारा 16(3) के तहत केस दर्ज किया है। ईडी के मुताबिक एक विश्वसनीय जानकारी के आधार पर इस मामले की जांच प्रारंभ की गई थी। मैसर्स वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (एसआईएमपीएल) ने संयुक्त राज्य अमेरिका से पर्याप्त मात्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया। यह एफडीआई नीति का उल्लंघन है। 
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ईडी को जांच में पता चला कि मैसर्स वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड अपना व्यवसाय सिमपल नामक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से चलाता है। कंपनी ने 648 करोड़ रुपये का एफडीआई प्राप्त किया और अपनी व्यावसायिक गतिविधि को सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य कंप्यूटर सेवा गतिविधियों के लाभ के रूप में घोषित करके 264 करोड़ के परिवर्तनीय नोट जारी किए। 
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ईडी वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के व्यवसाय मॉडल और राजस्व सृजन मॉडल की भी जांच की। इसके बाद पता चला कि मैसर्स वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड उन व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न है, जो वित्तीय गतिविधियों के अंतर्गत आती हैं। हालांकि आरबीआई द्वारा जारी एपी (डीआईआर सीरीज) परिपत्र संख्या 8, दिनांक 20.10.2016 के अनुसार, किसी भी प्राधिकरण द्वारा विनियमित नहीं की जाने वाली वित्तीय गतिविधियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को 100% अनुमोदन मार्ग के अंतर्गत लाया जाना है।
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इसके अतिरिक्त ऐसी गतिविधियों में जहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त करने के लिए सरकारी अनुमोदन आवश्यक है, कोई भी स्टार्टअप कंपनी केवल भारत सरकार के अनुमोदन से ही परिवर्तनीय नोट जारी कर सकती है। जबकि मैसर्स वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने भारत सरकार से कोई अनुमोदन प्राप्त किए बिना परिवर्तनीय नोट जारी किए हैं।

 
मेसर्स वन सिग्मा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (एसआईएमपीएल) ने भारत सरकार से पूर्व अनुमोदन प्राप्त किए बिना स्वचालित मार्ग के तहत एफडीआई प्राप्त किया है। स्वचालित मार्ग के तहत परिवर्तनीय नोट जारी किए गए। इस प्रकार सामूहिक रूप से 913 करोड़ रुपये के फेमा, 1999 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है और खुद को फेमा, 1999 की धारा 13 के तहत कार्यवाही के लिए उत्तरदायी बनाया है। फेमा, 1999 की धारा 16 (3) के तहत एक शिकायत फेमा के तहत न्यायनिर्णयन प्राधिकरण के समक्ष दायर की जाती है।
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