फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ISRO said- L-110's last testing successfully, read complete details of the mission

Gaganyaan Mission: इसरो ने कहा- एल-110 की आखिरी टेस्टिंग भी सफल, पढ़िए मिशन की पूरी जानकारी

Thu, 06 Apr 2023 11:18 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 06 Apr 2023 11:18 PM IST
सार

मानव रेटिंग प्रक्षेपण यान उसे माना जाता है, जिसके हार्डवेयर की विश्वसनीयता 0.99 होती है। गगनयान मिशन के हिस्से के रूप में एक के बाद एक दो मानव रहित यान के प्रक्षेपण की योजना है। बंगलूरू स्थित अंतरिक्ष एजेंसी मुख्यालय से आधिकारिक बयान में कहा गया कि कोरोना महामारी की पहले और दूसरी लहर ने गगनयान कार्यक्रम को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

विज्ञापन
ISRO said- L-110's last testing successfully, read complete details of the mission
हाई-थ्रस्ट विकास इंजिन का हुआ सफल परीक्षण - फोटो : ट्विटर/इसरो

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गुरुवार को कहा कि उसने 240 सेकंड की नियोजित योग्यता अवधि के लिए मानव-रेटेड एल110-जी विकास इंजन का लंबी अवधि का अंतिम गर्म परीक्षण पूरा कर लिया है। यह गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की दिशा में एक प्रमुख मील का पत्थर है। इसका परीक्षण इसरो प्रोपल्सन कॉम्प्लेक्स (आईपीआरसी), महेंद्रगिरि, तमिलनाडु में किया गया था। अंतरिक्ष एजेंसी ने एक बयान में कहा, इस परीक्षण के साथ इंजन के सभी नियोजित योग्यता परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हो गए हैं।

विज्ञापन


यान के लिए L110 चरण का डिजाइन और निर्माण लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर में किया था। असेंबली, इंटीग्रेशन और परीक्षण आईपीआरसी में किया गया था। इंजन विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र द्वारा बनाया गया था। इसरो ने कहा कि जिन विकास परीक्षणों के अधीन यह किया गया था, वे प्रिंसिपल टेस्ट स्टैंड चरण-दर-चरण तरीके से आयोजित किए गए थे।

विज्ञापन

क्या होता है मानव रेटिंग यान
मानव रेटिंग प्रक्षेपण यान उसे माना जाता है, जिसके हार्डवेयर की विश्वसनीयता 0.99 होती है। गगनयान मिशन के हिस्से के रूप में एक के बाद एक दो मानव रहित यान के प्रक्षेपण की योजना है। बंगलूरू स्थित अंतरिक्ष एजेंसी मुख्यालय से आधिकारिक बयान में कहा गया कि कोरोना महामारी की पहले और दूसरी लहर ने गगनयान कार्यक्रम को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

लॉकडाउन के कारण हुई थी थोड़ी परेशानी
इसरो के एक अधिकारी ने कहा, ‘मिशन के लिए हार्डवेयर औद्योगिक कंपनियों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग अवधि में लॉकडाउन की वजह से समय पर इसकी आपूर्ति नहीं हो सकी। हार्डवेयर का डिजाइन, विश्लेषण और प्रलेखन इसरो द्वारा किया जाता है। जबकि गगनयान के लिए हार्डवेयर के निर्माण और आपूर्ति का काम देश के सैकड़ों औद्योगिक कंपनियों द्वारा किया जाता है।’

सूत्रों का कहना है कि इसरो कुछ महत्वपूर्ण गतिविधियों और घटकों की आपूर्ति में फ्रांसीसी, रूसी और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसियों की मदद भी ले रहा है। गगनयान कार्यक्रम का उद्देश्य एक भारतीय प्रक्षेपण यान पर मनुष्यों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने की क्षमता प्रदर्शित करना है।

2024 के आखिर में लॉन्च होगा गगनयान मानव मिशन
राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया था कि रोबोटिक पेलोड के साथ टेस्ट व्हीकल मिशन और LVM3-G2 मिशन की योजना बनाई है। सफल टेस्टिंग के बाद अन्य परिणामों के आधार पर 2024 के अंत तक क्रू-मिशन लॉन्च करने की योजना है। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर 2022 तक गगनयान कार्यक्रम के लिए कुल 3,040 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed