फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ISRO to launch 104 satellites from one rocket

अंतरिक्ष में भारत ने रचा इतिहासः इसरो ने एक साथ छोड़े 104 उपग्रह, पीएम ने दी बधाई

Wed, 15 Feb 2017 03:16 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 15 Feb 2017 03:16 PM IST
विज्ञापन
ISRO to launch 104 satellites from one rocket
इसरो - फोटो : Getty Images

इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) चेन्नई से करीब 125 किलोमीटर दूर श्री हरिकोटा से एक ही रॉकेट से 104 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर बड़ा इतिहास रचा है। भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है कि क्योंकि पहली बार कोई देश एक रॉकेट से 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने में सफल रहा है। सुबह 5:28 बजे पीएसएलवी-सी37/कार्टोसेट-2 श्रृंखला के सेटेलाइट मिशन के प्रक्षेपण के लिए उलटी गिनती शुरू हुई थी और 9:28 बजे इसे छोड़ा गया।

विज्ञापन


अंतरिक्ष एजेंसी का विश्वस्त ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी 37) अपने 39वें मिशन पर अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं से जुड़े रिकॉर्ड 104 उपग्रहों को प्रक्षेपित करने में सफल रहा। प्रक्षेपण के बारे में महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या में रॉकेट से उपग्रहों का प्रक्षेपण करने जा रहा है। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा एक बार में 37 उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण की तुलना में भारत एक बार में 104 उपग्रह प्रक्षेपित करने में सफलता हासिल कर इतिहास रचने वाला पहला देश बना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसरो की कामयाबी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि, पीएसएलवी-C37 और कार्टोसैट उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो को बधाई।


वहीं इसरो की इस बड़ी कामयाबी पर महानायक अमिताभ बच्चन ने भी बधाई देते हुए ट्वीट किया है। 


पहली बार एक रॉकेट से 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजेगा कोई देश

ISRO to launch 104 satellites from one rocket

भारत ने इससे पहले जून 2015 में एक बार में 23 उपग्रहों का प्रक्षेपण किया था। पीएसएलवी पहले 714 किलोग्राम वजनी कार्टोसेट-2 श्रृंखला के उपग्रह का पृथ्वी पर निगरानी के लिए प्रक्षेपण करेगा और उसके बाद 103 सहयोगी उपग्रहों को पृथ्वी से करीब 520 किलोमीटर दूर ध्रुवीय सूर्य समकालिक कक्षा में प्रवेश कराएगा जिनका अंतरिक्ष में कुल वजन 664 किलोग्राम है।

इसरो के वैज्ञानिकों ने एक्सएल वैरियंट का इस्तेमाल किया है, जो सबसे शक्तिशाली रॉकेट है और इसका इस्तेमाल महत्वाकांक्षी चंद्रयान में और मंगल मिशन में किया जा चुका है। इनमें 96 उपग्रह अमेरिका के और पांच-पांच उपग्रह इसरो के अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों इजरायल, कजाकिस्तान, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड व संयुक्त अरब अमीरात के हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed