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इसरो ने मिशन गगनयान की स्वदेशी तकनीक के लिए मांगे प्रस्ताव, 2022 में होना है लांच
Sat, 25 Apr 2020 04:24 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 25 Apr 2020 04:24 AM IST
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इसरो गगनयान
- फोटो : social media
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इसरो ने कोरोना वायरस महामारी का देश के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियानों पर प्रभाव नहीं पड़ने देने के लिए कमर कस ली है। पहली बार अंतरिक्ष में मानव ले जाने वाला मिशन गगनयान भी इसी में से एक है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने इस भारतीय मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम और स्पेस रिसर्च से जुड़ी स्वदेशी तकनीक विकसित करने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं।
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इसरो के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम निदेशालय ने 18 संभावित क्षेत्रों के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने के प्रस्ताव मांगे हैं। इन क्षेत्रों में रेडियेशन खतरों की पहचान और उन्हें कम करने की तकनीक, अंतरिक्ष भोजन से जुड़ी प्रौद्योगिकी, मानव रोबोटिक इंटरफेस, पर्यावरण नियंत्रण तंत्र और लाइफ सपोर्ट सिस्टम, लंबी अवधि के मिशनों के लिए मानवीय मनोविज्ञान और कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण से जुड़ी प्रौद्योगिकी शामिल हैं। इनके लिए 15 जुलाई तक प्रस्ताव जमा कराने की समयसीमा तय की गई है।
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निदेशालय ने कहा है कि प्रस्तावों की छंटनी के लिए इसरो एक चयन समिति गठित करेगा। इनकी छंटनी वैज्ञानिक लाभ, प्रासंगिकता, तकनीकी विषय वस्तु और व्यवहारिकता के पहलुओं को ध्यान में रखकर की जाएगी। बता दें कि मिशन गगनयान 2022 में लांच किया जाना है। इस समय रूस के मास्को में भारतीय वायुसेना के चार लड़ाकू विमान पायलटों का अंतरिक्ष प्रशिक्षण चल रहा है। यह लगभग तय है कि इस मिशन के लिए वे ही उम्मीदवार होंगे।
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