फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ISRO chief says 95 percent components used in rockets in India domestically sourced

इसरो प्रमुख बोले: रॉकेट में हो रहा 95 फीसदी स्वदेशी सामग्री का उपयोग; हर क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता

Tue, 26 Sep 2023 10:02 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 26 Sep 2023 10:02 PM IST
सार

सोमनाथ ने इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में स्वदेशीकरण की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें भारत में निर्मित रॉकेट और मुख्य कंप्यूटर चिप्स के लिए प्रोसेर जैसे महत्वपूर्ण घटकों का डिजाइन और निर्माण शामिल है।  

विज्ञापन
ISRO chief says 95 percent components used in rockets in India domestically sourced
इसरो के नए प्रमुख एस सोमनाथ। - फोटो : NASA

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि देश में रॉकेट में इस्तेमाल होने वाली लगभग 95 फीसदी सामग्री, उपकरण और प्रणालियां स्वदेशी होती हैं। केवल पांच फीसदी, वो भी मुख्यरूप से उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ही दूसरे देशों से मंगाए जाते हैं।

विज्ञापन

मंगलवार को यहां वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के 82वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख ने यह भी कहा कि पूरे अंतरिक्ष क्षेत्र में इसरो की विशेषज्ञता है। रॉकेट और उपग्रह विकास और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों समेत सभी तकनीक कार्य घरेलू स्तर पर ही किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, रक्षा प्रयोगशालाओं और सीएसआईआर प्रयोगशालाओं समेत विभिन्न भारतीय प्रयोगशालाओं के सहयोग का परिणाम है। इसमें सामग्री के स्वदेशीकरण, प्रौद्योगिक क्षमताओं और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
विज्ञापन


इलेक्ट्रॉनिक्स के स्वदेशीकरण में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि
सोमनाथ ने इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में स्वदेशीकरण की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें भारत में निर्मित रॉकेट और मुख्य कंप्यूटर चिप्स के लिए प्रोसेर जैसे महत्वपूर्ण घटकों का डिजाइन और निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा, इसके अलावा इसरो ने इलेट्रोमेकेनिकल एक्यूरेटर, डीसी पॉवर सप्लाई सिस्टम, बैटरी सिस्टम और सोलर सेल जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों का विकास देश में ही किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


12 युवा वैज्ञानिकों को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार
इस मौके पर 12 युवा वैज्ञानिकों को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इनमें कोलकाता स्थित सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायोलॉजी के प्रतिरक्षाविज्ञानी दीप्यमान गांगुली, चंगीगढ़ स्थित सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी के सूक्ष्मजीव विज्ञानी अश्विनी कुमार, हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग डायग्नोस्टिक्स के जीवविज्ञानी मदिका सुब्बा रेड्डी, भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू के अक्कट्टू टी बीजू और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के देबब्रत मैती शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed