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Gaza War: 'मैंने रेडियो पर सुना आतंकवादी...' इस्राइली सैनिकों ने साझा किए सात अक्टूबर के हमले के भयावह अनुभव
Tue, 11 Jun 2024 11:23 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 11 Jun 2024 11:23 PM IST
सार
Gaza War: मेजर ओमरी आईडीएफ में बीते 11 वर्षो से काम कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उस दिन वह छुट्टी मनाने के लिए अपने परिवार के साथ थे, जब हमास ने इलाके में मिसाइलें दागीं थीं।
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मेजर ओमरी, मेजर ताल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के कमांडर मेजर ओमरी और सार्जेंट मेजर ताल ने पिछले साल सात अक्तूबर के हमलों को याद किया। उस दिन आतंकवादी संगठन हमास ने दक्षिण इस्राइल पर हमला किया था। जिसमें सैकड़ों इस्राइली लोग मारे गए थे। सैकड़ों लोगों को बंधक बना लिया गया था।
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मेजर ओमरी आईडीएफ में बीते 11 वर्षो से काम कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उस दिन वह छुट्टी मनाने के लिए अपने परिवार के साथ थे, जब हमास ने इलाके में मिसाइलें दागीं थीं। उन्होंने बताया, सात अक्तूबर को मैं अपने परिवार के साथ छुट्टी पर अपने घर में था। उस समय इस्राइल में छुट्टियां थीं। हम सुबह छह बजे एक मिसाइल की तेज आवास से उठे, जो हमारे घर के ठीक पास दागी गईं थीं। हमारे घर के ठीक पास बमबारी हो रही थी। घर हिल रहा था। मैंन खिड़की से अपना सिर निकाला और अपने घर के पास एक बड़ा विस्फोट होते देखा।
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ओमरी ने आगे बताया कि जैसे ही उन्होंने शोर सुना, वह अपनी वर्दी और बंदूक लेकर अफने देश की रक्षा करने के लिए आईडीएफ की मदद करने निकल पड़े। उन्होंने कहा, मैंने अपनी वर्दी, पिस्तौल ली और अपने दोस्तों व अपनी यूनिट को देश की रक्षा करने में मदद करने के लिए दक्षिण की ओर चला गया।
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उन्होंने याद करते हुए कहा कि दक्षिण की ओर गाड़ी चलाते समय उन्होंने रेडियो पर सुना कि आतंकवादी गाजा पट्टी की सीमा के पास रहने वाले नागरिकों का कत्लेआम कर रहे हैं। ओमरी ने कहा, जब मैं दक्षिण की ओर जा रहा था तो मैंने रेडियो पर सुना कि आतंकवादी इस्राइल की ओर बढ़ रहे हैं और गाजा पट्टी की सीमा के पास रहने वाले कई नागरिकों की हत्या कर रहे हैं। जब मैं वहां पहुंचा तो मैंने बहुत सारे घायल लोगों और सैनिकों को देखा। फिर मैनें फैसला किया कि मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाऊंगा।
उन्होंने बताया कि उन्होंने नोवा पार्टी से बचकर भाग रहे लोगों की भी मदद और उन्हें खेतों से बाहर निकाल और प्राथमिक उपचार दिया। ओमरी ने कहा, मैंने बहुत से लोगों को प्राथमिक चिकित्सा दी जो मैदान में घायल हो गए थे। लोग एक बड़ी पार्टी से भाग रहे थे। मैं उन्हें खेतों से बाहर ले गया और उन्हें एंबुलेंस में ले गया ताकि वे नजदीकी अस्पताल जा सकें और अपनी जान बचा सकें। उन्होंने बताया कि वह तीन घंटे में 15 लोगों को बचाने में कामयाब रहे।