Israel-India Relations: इस्रराइली विदेश मंत्री ने एस जयशंकर से फोन पर की बात, पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को इस्राइली विदेश मंत्री इस्रारल कॉट्ज के साथ पश्चिम एशिया पर भारत के विचारों, आकलन और हितों के बारे में बात की। दोनों नेता एक-दूसरे के साथ संपर्क में बने रहने के लिए सहमत हुए।
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच युद्ध जारी है। इस बीच विदेश मंत्री ने इस्राइल के विदेश मंत्री के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान पश्चिम एशिया की मौजूदा हालातों पर विस्तार पर चर्चा की गई। बता दें, सात अक्तूबर को हमास के हमले के बाद युद्ध शुरू हो गया था, जिसमें अब तक 26 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई। युद्ध शुरू होने के बाद से कई बार इस्राइली प्रधानमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों ने भारतीय पीएम और मंत्रियों से बात की है।
जयशंकर ने पोस्ट कर दी जानकारी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को इस्राइली विदेश मंत्री इस्रारल कॉट्ज के साथ पश्चिम एशिया पर भारत के विचारों, आकलन और हितों के बारे में बात की। दोनों नेता एक-दूसरे के साथ संपर्क में बने रहने के लिए सहमत हुए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए जयशंकर ने कहा कि इस्राइली विदेश मंत्री से बात करके अच्छा लगा। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की।
Good to talk to Israeli FM @Israel_katz.
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Discussed the ongoing situation in West Asia. Spoke about India’s views, assessments and interests in that regard.
Agreed to stay in touch.— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 29, 2024
वैश्विक मंचों पर भी आतंकवाद की भी कर चुके हैं निंदा
पिछले साल, एक वैश्विक मंच को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा था कि 7 अक्टूबर को जो हुआ, वह आतंकवाद का बड़ा कृत्य था। पूरे क्षेत्र में तनाव है। मध्यपूर्व के साथ-साथ पूरा विश्व युद्ध के कारण चिंतित है। संघर्ष सामान्य नहीं होते। विभिन्न मुद्दों पर संतुलन बनाने की जरूरत है। नई दिल्ली दो राज्य समाधान को दोहराता है। हमें इस मामले में संतुलन बनाने की आवश्यकता है। आतकंवाद सभी को अस्वीकार्य है, यह कोई सवाल नहीं है। फलस्तीनी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। जयशंकर ने आगे कहा था कि हमें बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढना होगा। आतंकवाद से सामाधान नहीं ढूंढा जा सकता। हम बातचीत का समर्थन करेंगे। मानवीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत हमेशा फलस्तीन के साथ है, हमने हमेशा उसके संप्रभु और स्वतंत्र होने की वकालत की है, जो इस्राइल के साथ शांति से रहे।
हमले के यह तीन कारण
हमास ने कहा कि ये यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इस्राइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। हमास ने कहा कि इस्राइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंक इसे अपवित्र किया था। इस्राइली सेना लगातार हमास के ठिकानों पर हमले कर रही है और अतिक्रमण कर रही है। इस्राइली सेना हमारी महिलाओं पर हमले कर रही है। हमास के प्रवक्ता गाजी हमाद ने अरब देशों से अपील है कि इस्राइल के साथ अपने सभी रिश्तों को तोड़ दें। हमाद ने कहा कि इस्राइल एक अच्छा पड़ोसी और शांत देश कभी नहीं हो सकता है।